इस मशहूर लेखिका के जीवन में था इतना दुख कि एक दिन कर लिया अपना ये हाल, दर्दनाक मौत को लगाया गले

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नई दिल्ली। जिस लेखिका के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं उसकी कलम से हमेशा सकारात्मक शब्द ही निकलते थे। लेकिन वह जीवन से एक दिन ऐसा हारी कि उसने खुदकुशी कर ली। हम बात कर रहे हैं अंग्रेजी साहित्य और कविता में अपना नाम कमाने वाली लेखिका वर्जिनिया वुल्फ ( virginia woolf ) की। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक जीवन में तनाव और हादसों का सामना करने के बाद भी वर्जिनिया की कलम चलती रही। 20वीं सदी की इस मशहूर लेखिका की उम्र जब 13 की थी तब उनकी मां का देहांत हो गया। इसके बाद उनके पिता की मृत्यु पेट के कैंसर ( cancer ) से हो गई। पिता के देहांत के बाद वर्जिनिया के जीवन में परेशानियां और बढ़ गईं।

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virginia woolf

अपने लोगों को खोने के बाद एक समय ऐसा आया जब वर्जिनिया के साथ यौन उत्पीड़न भी हुआ था। उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘अ स्केच ऑफ द पास्ट ‘ और ’22 हाइड पार्क’ में उन्होंने अपने सौतेले भाईयों, गेराल्ड डकवर्थ और जॉर्ज डकवर्थ द्वारा यौन प्रताड़ना करने की बात अंकित की है। सन 1912 में वर्जिनिया की शादी लियोनार्ड वुल्फ से हुई। शादी के दो साल बाद वर्जीनिया ने अपनी पहली नावेल ‘द वॉयेज आउट’ प्रकाशित की। उनकी लेखनी लोगों को इतनी पसंद आई कि वे एक मशहूर लेखिका बन गईं लेकिन एक सफल लेखक होने के बाद भी उनको न जाने क्या गम सताए जा रहा था कि उनका स्वस्थ धीर-धीरे बिगड़ने लगा।

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वर्जिनिया का मानसिक स्वास्थ इतना बिगड़ गया था कि उन्होंने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की। जानकारों का कहना है कि उन्हें बाइपोलर बीमारी थी। इस बीमारी से ग्रसित लोगों का मन लगातार कई हफ़्तो तक या महिनों तक या तो बहुत उदास या फिर अत्यधिक खुश रहता है। वर्जिनिया ने अपनी हालत से तंग आकर एक दिन अपने कपड़े की जेब में ढ़ेर सरे पत्थर भरे और घर के पास स्थित नदी में कूद गईं।

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