नोटबंदी के बाद जारी नई करेंसी को भी जालसाजों ने नहीं छोड़ा। दो हजार के नोटों की नकली खेप बाजार में सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर 500, तीसरे नंबर पर 100 और चौथे नंबर पर 200 रुपए के नोट हैं। नकली नोटों के मामले में उत्तर प्रदेश देश के टॉप पांच राज्यों में शामिल है। देश की राजधानी दिल्ली नकली नोटों की भी राजधानी है और पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर गुजरात, तीसरे नंबर पर तमिलनाडु, चौथे नंबर पर महाराष्ट्र और पांचवें नंबर पर उत्तर प्रदेश है। कानपुर निवासी राज्यसभा सांसद चौधरी सुखराम सिंह द्वारा सदन में नकली नोटों के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में ये आंकड़े दिए गए हैं। 

चौधरी सुखराम सिंह ने सदन में गृह मंत्रालय से पूछा था कि हाल में सीमा से लगे राज्यों में नकली नोटों की संख्या बढ़ने की खबरों में कितनी सच्चाई है। उन्होंने अलग-अलग मूल्यवर्ग की पकड़ी गई नकली करेंसी का ब्योरा मांगा था। साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी।

उनके सवाल के जवाब में नकली करेंसी का राज्यवार ब्योरा उपलब्ध कराया गया। साथ ही जानकारी दी कि नकली करेंसी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने के लिए भारतीय करेंसी नोट समन्वय समूह बनाया गया है। जाली करेंसी के मामलों की जांच के लिए एनआईए ने टेरर फंडिंग और फेक करेंसी सेल का गठन किया गया है। जाली करेंसी की तस्करी रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश के बीच समझौता किया गया है। निगरानी के लिए बेहद अत्याधुनिक टेक्नोलाजी का प्रयोग किया गया है।