SC के आदेश पर डीके जैन बने BCCI के पहले लोकपाल, पांड्या-राहुल विवाद में लेंगे सजा पर फैसला

3
0 Shares

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का पहला लोकपाल नियुक्त किया गया है। वो तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभाल संभालेंगे। आपको बता दें कि डीके जैन सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके हैं।

– गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एएम सप्रे की बेंच ने ये फैसला सुनाया। बेंच ने कहा, “हमें खुशी है कि संबंधित पक्षों की सुझावों और सहमति से रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का लोकपाल नियुक्त करने पर सहमति बन गई है। हम डीके जैन को बोर्ड का पहला लोकपाल नियुक्त कर रहे हैं।”

पांड्या-राहुल विवाद में सजा पर लेंगे फैसला

– नए संविधान के तहत जैन बीसीसीआई के पहले लोकपाल हैं और जल्‍द ही अपनी जिम्‍मेदारी संभालेंगे। बतौर लोकपाल वो सबसे पहले केएल राहुल और हार्दिक पांड्या विवाद में सजा का निर्णय पारित करेंगे। इस जोड़ी को पहले एक टीवी शो पर महिलाओं के विरुद्ध बयान देने के बाद निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद प्रतिबंध को लोकपाल की नियुक्ति के लिए लंबित कर दिया गया था।

– वहीं सुप्रीम कोर्ट में सार्वजनिक रूप से मतभेदों को हवा न देने के लिए डायना एडुल्‍जी और विनोद राय सदस्‍य वाली सीओए को भी सुप्रीम कोर्ट ने चेतवानी दी है।

COA ने की थी लोकपाल की मांग

– आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सीओए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बोर्ड को सालाना आम बैठक और अन्य विवादों को सुलझाने के लिए लोकपाल की जरूरत है। सीओए ने सुप्रीम कोर्ट में पेश 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में कहा था, “बीसीसीआई जल्द से जल्द एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करे। हाईकोर्ट के मौजूदा या किसी रिटायर्ड जज को कम से कम एक या अधिकतम तीन साल के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए।”

BCCI लोकपाल के ये होंगे अधिकार

– बोर्ड में नियुक्त लोकपाल के दायरे में आंतरिक विवादों का निपटारा, बोर्ड, उसके मेंबर और एसोसिएट मेंबर्स के बीच विवाद को सुलझाना, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमों के उल्लंघन, खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों की शिकायतों को देखना, टिकट वितरण में किसी तरह की धांधली आदि मामलों का निपटारा जैसे अहम मुद्दे रहेंगे।

 

0 Shares