जापान के एक शीर्ष चिकित्सक ने टोक्यो में गर्मी के मौसम में ओलंपिक को आयोजित करने की आलोचना करते हुए कहा कि इन खेलों के दौरान लू लगने की समस्या सबसे बड़ा खतरा हो सकता है। जापान चिकित्सा संघ के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य किमियुकि नागाशिमा ने कहा कि ओलंपिक खेलों में बड़ी संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति होगी, जिससे गर्मी के प्रकोप झेलने वाले स्थानीय लोगों पर भी चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने का खतरा रहेगा।

उन्होंने कहा, ”मेरा मानना है कि खेल स्पर्धाओं का आयोजन आरामदायक मौसम में होना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि सिर्फ व्यापार और आर्थिक मुद्दे को देखते हुए इसका आयोजन गलत मौसम में गलत जगह होना चाहिए।”

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चिकित्सा संघ में खेल गतिविधियों को देखने वाले एक चिकित्सक ने बताया टोक्यो में गर्मी के मौसम में उसम ज्यादा होती है और ऐसे में खुले में खेले जाने वाले खेलों और दर्शकों के लिए स्थिति सही नहीं रहती।”

उन्होंने कहा, ”जापान में गर्मी में सिर्फ तापमान ज्यादा नहीं रहता बल्कि उमस भी बहुत अधिक होती है। ऐसे में दूसरे देशों की तुलना में यहां बीमार होने की संभावना अधिक होती है।” पिछले साल गर्मी के कारण जापान ने 93,000 लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवा का सहारा लेना पड़ा था, जिसमें 159 की मौत हो गई थी।

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गर्मी से बचने के लिए 1964 के ओलंपिक खेलों का आयोजन अक्टूबर में किया गया था। लेकिन उसने बोली प्रक्रिया के दौरान अपने दस्तावेज में 2020 ओलंपिक के लिए 24 जुलाई से नौ अगस्त तक के मौसम को खिलाड़ियों के लिए आदर्श बताया था।