इंटरकॉन्टिनेंटल कप: उत्तर कोरिया के हाथों भारत की 5-2 से शर्मनाक हार

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भारतीय फुटबॉल टीम को शनिवार को इंटरकॉनटिनेंटल कप में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। भारत को अहमदाबाद के ‘द ऐरना ट्रांसटेडिया’ में खेले गए इस मैच में उत्तर कोरिया ने एक तरफा मुकाबले में 5-2 से हरा दिया। इस हार के साथ भारत फाइनल की रेस से लगभग बाहर हो गई है। उसे अपने पहले मैच में तजाकिस्तान से 4-2 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत को अगर फाइनल में पहुंचना है तो उसे उम्मीद करनी होगी कि तजाकिस्तान को अपने अगले मैच में हार मिले और वह अपने अगले मैच में सीरिया को कम से कम छह गोल के अंतर से मात दे। इसी स्थिति में भारत को फाइनल में प्रवेश मिल सकता है। 

उ. कोरिया ने शुरू में ही भारत को दबाव में ला दिया
उत्तर कोरिया ने शुरू से ही अपने दम दिखाया और आठवें मिनट में ही गोल कर भारत को दबाव में ला दिया। उत्तर कोरिया के लिए यह गोल जोंग ग्वान ने किया। इस मिनट में उत्तर कोरिया को फ्री किक मिली और जोंग ने बाएं कोने में बेहतरीन किक लगा गेंद को नेट में डाल अपनी टीम को एक गोल से आगे कर दिया। तीन मिनट बाद भारत को भी फ्री किक मिली थी जिसे वो गोल के रूप में भुना नहीं पाई। भारत ने जरूर बराबरी का मौका खो दिया था, लेकिन मेहमान टीम ऐसा नहीं कर रही थी। 16वें मिनट में उसने अपनी बढ़त को दोगुना कर लिया। सिम जिन ने झिंगान को छकाया और फिर गोलकीपर अमरिंदर की बाधा को पार गेंद को पोस्ट में डालने में सफल रहे।

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संदेश झींगन चोटिल होने के चलते मैदान से बाहर गए
अमरिंदर ने हालांकि 20वें मिनट में उत्तर कोरिया को तीसरा गोल करने से रोक दिया। जोंग गेंद के पास आते उससे पहले अमरिंदर ने गोल नहीं होने दिया। अमरिंदर जोंग को 28वें मिनट में नहीं रोक पाए। पी. सोंग ने उन्हें बॉक्स के अंदर क्रॉस दिया और ग्वान ने इस पर हैडर कर उत्तर कोरिया के लिए तीसरा गोल कर दिया। तीन गोल से पिछड़ने वाली भारत को 36वें मिनट में एक और झटका लगा। संदेश झिंगन को रेफरी ने पीला कार्ड दिखा दिया। यहां झिंगन को चोट भी लगी और वह मैदान से बाहर चले गए। उनके स्थान पर भारतीय कोच इगोर स्टीमाक ने आदिल को अंदर भेजा। पहले हाफ का अंत उत्तर कोरिया ने 3-0 के स्कोर के साथ किया। 

भारत के लिए चांग्ते और छेत्री ने दागा एक-एक गोल
भारत ने हालांकि हार नहीं मानी थी। वह लगातार कोशिश में थी। उसकी कोशिश सफल भी रही। ललारिनजुआला चांग्ते ने उसके लिए पहला गोल किया जो 51वें मिनट में आया। यहां कोरियाई डिफेंस से गलती हुई और गेंद भारतीय कप्तान सुनील छेत्री से होते हुए चांग्ते के पास आई जिन्होंने गेंद को नेट में डाल भारत का खाता खोला। भारत को इस गोल से आत्मविश्वास मिला था। उसकी वापसी की उम्मीद भी जगी थी लेकिन 63वें मिनट में री उन चोल ने भारत की उम्मीदों को झटका दिया। उन्होंने उत्तर कोरिया के लिए एक और गोल कर स्कोर 4-1 कर दिया। आठ मिनट बाद भारतीय कप्तान ने इस मैच में अपना खाता खोला।

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इंजुरी टाइम में उत्तर कोरिया ने दागा अपना 5वां गोल
उदांता सिंह और समद ने वन टू वन खेलते हुए गेंद अपने पास रखी। फिर उदांता ने बॉक्स के बाहर से गेंद गोलपोस्ट के सामने खड़े छेत्री को दी जिन्होंने उसे नेट में डाल भारत को दूसरा गोल सौंपा। एक बार फिर भारत की टीम में जोश आ गया था और वह बचे हुए समय का पूरा उपयोग कर गोल करना चाहती थी। मेजबान टीम के खिलाड़ियों ने हालांकि कुछ मौके बनाए भी, लेकिन अंतत: वह सफल नहीं हो सके। दूसरी तरफ उत्तर कोरिया ने आखिरी मिनटों में भी गोल कर दिया। मैच के इंजुरी समय में उत्तर कोरिया ने अपनां पांचवां गोल किया।

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