नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ सख्ती दिखाकर मुसीबत में फंसे भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) ने इससे बाहर निकलने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

आईओए ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) को लिखित गारंटी दे। इससे एक बार फिर से भारत में इंटरनेशनल स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स का आयोजन हो सके।

इस बाबत आईओए के अध्यक्ष नरेंद्र ध्रुव बत्रा ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में अनुरोध किया है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए।

पत्र में यह लिखा गया हैः

पत्र में भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह जल्द से जल्द से आईओसी को एक ‘लिखित गारंटी’ दे ताकि भारत सरकार सभी एथलीटों, खेल अधिकारियों, खेल प्रतिनिधियों के प्रवेश को भारत में आयोजित होने वाले किसी भी अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय खेल टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए प्रवेश दे सके।”

बत्रा ने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा नहीं दिए जाने के समय देश में बनी स्थिति से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन आईओए पूरी तरह से ओलम्पिक चार्टर से भी बंधी है जिसका उसे पालन करना होता है।

ये है पूरा मामलाः
दरअसल आईओए ने फरवरी माह में दिल्ली में हुए निशानेबाजी वर्ल्ड कप में दो पाकिस्तानी निशानेबाजों को वीजा नहीं दिया था। इसके बाद आईओसी ने 21 फरवरी को भारत पर यह प्रतिबंध लगाया था। आईओसी ने कहा था कि जब तक भारत सरकार उसे लिखित में आश्वासन नहीं देगी तब तक उस पर प्रतिबंध लगा रहेगा।

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