साल में केवल एक दिन पूजा करने से प्रसन्न हो जाती हैं मां ललिता, देती हैं सुख शांति एवं समृद्धि का वरदान

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आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी मां ललितामाँ ललिता दस महाविद्याओं में से एक हैं, ललिता की पूजा उपासना सभी के लिए बहुत ही फलदायक होता है । ऐसी मान्यता हैं कि साल में केवल एक बार भी इनकी आराधना सच्ची श्रद्धा से कर ली जाये व्यक्ति का जीवन निहाल हो जाता हैं । इस साल 19 फरवरी 2019 माघ पूर्णिमा तिथि को मां ललिता की जंयती मनाई जाएगी । जो कोई भी इस दिन मां ललिता की पूजा श्रद्धा भक्ति-भाव सहित करता है तो उसे मां त्रिपुर सुंदरी की कृपा अवश्य प्राप्त होती है और जीवन में हमेशा सुख शांति एवं समृद्धि बनी रहती है । ऐसे करें मां ललिता की जयंती पर विशेष पूजा और पायें माता की कृपा ।

 

मां ललिता से जुड़ी अद्भूत कथा
मां ललिता आदि शक्ति का वर्णन देवी पुराण में है, जिसके अनुसार पिता दक्ष द्वारा अपमान से आहत होकर जब दक्ष पुत्री सती ने अपने शरीर को यज्ञ कुंड में भस्म कर अपने प्राण त्याग दिये तो मां सती के वियोग में भगवान शिवजी उनका पार्थिव शरीर अपने कंधों में उठाए चारों दिशाओं में घूमने लगते हैं । यह देख भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के मृत शरीर को 108 भागों में विभाजित कर दिया । इस प्रकार शव के टूकडे़ होने पर सती के शव के अंश जहां जहां गिरे उन स्थानों पर माता के सिद्ध शक्तिपीठों की स्थापना हुई । उसी में एक माँ ललिता का स्थान भी है, भगवान शंकर को हृदय में धारण करने पर सती नैमिष में लिंगधारिणीनाम से विख्यात हुईं, और इनकी आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी मां ललिता के नाम से पूजा आराधना होने लगी ।

 

ऐसे करें पूजन
शक्तिस्वरूपा देवी मां ललिता की जयंती के दिन श्रद्धालु भक्तगण व्रत एवं उपवास रखते हुये विशेष पूजा आराधना करते हैं । इस दिन प्रात:काल माता की पूजा उपासना की जाती हैं । कालिकापुराण के अनुसार देवी की दो भुजाएं हैं, यह गौर वर्ण की, लाल कमल पर विराजमान हैं । मां ललिता की पूजा से जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है । इस दिन ललितोपाख्यान, ललितासहस्रनाम, ललितात्रिशती आदि का पाठ करने से अनेक मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं । आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी मां ललिता मां दुर्गा का ही एक रूप भी माना जाता है, और नवरात्र में भी इनकी विशेष पूजा अर्चना की जाती हैं ।