विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि एक सीमा के बाद इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे। उन्होंने जोर दिया कि अपने आंतरिक मामलों में भारत की स्थिति मजबूत रही है और मजबूत रहेगी।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि 1972 के बाद से भारत की स्थिति स्पष्ट है और इसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला है।

विदेश मंत्री से पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के प्रयास और कश्मीर में मानवाधिकारों के विषय को कुछ विदेशी नेताओं द्वारा उठाने के बारे में पूछा गया था।

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उन्होंने प्रधानमंत्री की अफगानिस्तान पर की उस टिप्पणी को याद किया जिसमें कहा था कि यह सूचना प्रौद्योगिकी बनाम अंतरराष्ट्रीय आतंक का विषय है, किस प्रकार दो आईटी के अलग-अलग माने हैं। 

पाक पर भी निशाना साधा
पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत पड़ोस प्रथम की नीति को आगे बढ़ा रहा है लेकिन उसके समक्ष एक पड़ोसी की अलग तरह की चुनौती है जिसे सामान्य व्यवहार करने और सीमापार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है। जयशंकर ने कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, अनुच्छेद 370 को हटाए जाने जैसे मुद्दे पर भारत के पक्ष से वैश्विक जगत को अवगत कराया गया।