कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने समाजवादी पार्टी (सपा), पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी (पीआरपी) और लक्ष्मण माने की अध्यक्षता वाले वंचित बहुजन अगाड़ी (वीबीए) गुट के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दिया।

गठबंधन का फैसला महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार के आवास पर हुई बैठक में लिया गया। इस मौके पर अन्य नेताओं के साथ राकंपा के अजीत पवार और धनन्जय मुंडे, कांग्रेस के पृथ्वीराज च्वहाण, माणिक राव ठाकरे और बालासाहेब थोराट भी मौजूद रहे। एक कांग्रेस नेता ने कहा कि तीनों छोटी पार्टियों को कम से कम 20 सीटें दी जाएंगी।

उन्होंने कहा, ” उनकी मांग प्रत्येक को दस सीट देने की थी। हम उन्हें एक साथ 20 सीटें देंगे। कौन सी सीट उन्हें देनी है, इस पर काम कर रहे हैं।

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उल्लेखनीय है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राकंपा का पहले ही गठबंधन हो चुका है लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना को हराने के लिए वे छोटी-छोटी पार्टियों को भी एक साथ लाने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस और राकंपा ने 125-125 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है। विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं।

भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा के लिए शिवसेना को 106 सीटों की पेशकश की 

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपने प्रमुख गठबंधन सहयोगी शिवसेना को 106 सीटों की पेशकश की है। हालांकि ऐसा नहीं लगता कि शिवसेना 120 से कम सीटें स्वीकार करेगी। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत एक या दो दिन में समाप्त हो सकती है। विधानसभा में कुल 288 सीट है। पिछली बार दोनों दलों ने अलग अलग विधानसभा चुनाव लड़ा था।

सूत्रों ने बताया, ”हमने शिवसेना को 106 सीटों की पेशकश की है लेकिन, शिवसेना 120 सीटों पर सहमत हो सकती है (और इससे कम पर नहीं)। उन्होंने बताया कि एक अन्य सहयोगी जन सुराज्य शक्ति पार्टी ने चार सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमति जता दी है। पश्चिमी महाराष्ट्र में मजबूत पकड़ रखने वाली पार्टी ने शुरूआत में नौ सीटों की मांग की थी लेकिन बाद में इसके नेता विनय कोरे ने बुधवार को बातचीत में चार सीटों पर सहमति जता दी। 

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सूत्रों ने बताया कि अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत जारी है। इनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की अगुवाई वाली रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया, शिव संग्राम तथा राष्ट्रीय समाज पार्टी शामिल है। तीनों राजनीतिक दलों ने भाजपा के चुनाव चिह्न पर उनके उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

महाराष्ट्र में 2014 में हुए विधानसभा चुनावों में इन राजनीतिक दलों ने अलग अलग चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में एक साथ आ गए थे । भाजपा ने 122 सीटों पर जबकि शिवसेना ने 63 सीटों पर जीत हासिल की थी ।