तिहाड़ जेल में गुरुवार एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। घटना जेल संख्या-3 के शौचालय की है। मृतक की पहचान चंद्रभान 35 के रूप में हुई। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच आरंभ कर दी है। घटना की जानकारी तब मिली, जब शौचालय जाने के लिए किसी ने दरवाजा खटखटाया। दअरसल अंदर आवाज लगाने के बाद अंदर से कोई  प्रतिक्रिया नहीं मिली तो अंदर जाकर देखा गया। जेल प्रशासन के अनुसार चंद्रभान ने खुदकशी क्यों की, इस बारे में अभी जांच की जा रही है। इसके चलते खुदकुशी के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बहरहाल हरिनगर थाना पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।

पुलिस के मुताबिक चंद्रभान हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में विजय विहार थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। चंद्रभान बुध विहार का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार जेल में मौत होने के कारण मामले की जानकारी मजिस्ट्रेट को दी गई। मामले में परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली की। शव का पोसटमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा। हालांकि उसने खुदकु़शी जैसा कदम चंद्रभान ने क्यों उठाया, इसे लेकर कई तरह के सवाल हैं।

तनाव या जेल में किसी तरह की कोई अन्य परेशानी थी। या फिर किसी दूसरे कैदी द्वारा उसे परेशान किया जाना तो कारण नहीं था, इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है। यह मामला तब और गंभीर बन जाता है, जब तिहाड़ के सभी जेलों में कैदियों के व्याप्त तनाव की समस्या को दूर करने के लिए समर्थन अभियान चलाया जा रहा हो। इस अभियान के तहत जेल में सभी कैदियों की समय समय पर काउंसिलिंग की जाती है। यदि किसी में तनाव या परेशानी से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो उसकी जानकारी  अधिकारियों को दी जाती है।