जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव के लिए 6 सितंबर को मतदान होना है। बुधवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। अध्यक्ष पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि केंद्रीय पैनल के महासचिव, उपाध्यक्ष व उपसचिव पद के लिए कुल 8 उम्मीदवार मैदान में भाग्य अजमा रहे हैं। वहीं, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाम गठबंधन का चेहरा भी बदला नजर आ रहा है।

इसमें अध्यक्ष पद पर स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने अपना उम्मीदवार उतारा है, जबकि महासचिव पद ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के खाते में आया है। जेएनयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के उभार व 9 फरवरी 2016 को हुई घटना के बाद से सभी वाम छात्रदल एक गठबंधन के बैनर तले चुनावी मैदानी में उतरे हैं। इसके तहत तब से संपन्न तीन चुनाव आइसा के नेतृत्व में लड़े गए ।

साथ ही एसएफआई, डीएसफ, और एआईएसएफ गठबंधन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन इस बार आयोजित होने जा रहे चुनाव में गठबंधन का चेहरा बदल गया है। एसएफआई से आईसी घोष अध्यक्ष पद पर मैदान में हैं, जबकि आइसा के सतीस चंद्र यादव महासचिव, डीएसफ के साकेत मून उपाध्यक्ष व एआईएसएफ के मोहम्मद दानिश सह सचिव पद से मैदान में हैं।

एबीवीपी से मनीष जागिंड उम्मीदवार : जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने मनीष जागिंड को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि श्रृति अग्निहोत्री उपाध्यक्ष, महासचिव पद के लिए सबरीश पीए और सहसचिव सुमंत साहू को उम्मीदवार बनाया गया है।

छात्र राजद दल ने अध्यक्ष पद पर प्रिंयका भारती और उपाध्यक्ष पद पर ऋषिराज यादव को उम्मीदवार बनाया है। बिरसा आंबेडकर फूले छात्र संगठन (बाप्सा) ने अध्यक्ष पद पर जितेंद्र सुना और महासचिव पद पर वसीम आर एस को मैदान में उतारा है। एनएसयूआई के प्रशांत कुमार व निर्दलीय राघवेंद्र मिश्रा अध्यक्ष पद से चुनावी मैदान में हैं।

वाम गठबंधन व एबीवीपी ने ही उतारा पूरा पैनल : छात्रसंघ के इस चुनाव में वाम गठबंधन, बाप्सा, एबीवीपी, छात्र राजद, एनएसयूआई ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं, लेकिन सिर्फ वाम गठबंधन व एबीवीपी ने ही केंद्रीय पैनल के चारों पदों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि अन्य ने अध्यक्ष पदों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

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