भारत ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के मामले को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का जवाब देने की कई स्तरों पर तैयारी की है। दुनिया के प्रमुख देशों को अपने फैसले से अवगत कराने के साथ भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आम नागरिकों के उत्पीड़न का मसला एक बार फिर जोर शोर से उठाने का मन बनाया है। भारत ने पीओके में लोगों के उत्पीड़न और पाक सेना की मनमानी को लेकर पूरा मसौदा तैयार किया है।

कई देशों को बताया रुख

सूत्रों ने कहा कि पी-5 देशों के अलावा भारत ने अपने पड़ोसी देश श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल व आसियान देशों के नेताओं से भी संपर्क किया है। कुछ मुस्लिम देशों को भी भारत ने अपने रुख से अवगत कराया है। कूटनीतिक जानकारों ने कहा कि यूएई व मालदीव जैसे देशों का रुख भारत की कूटनीतिक पहल के चलते ही हमारे पक्ष में है। चीन को छोड़कर दुनिया के किसी भी बड़े देश ने भारत के रुख पर ऐतराज नहीं जताया है। भारत ने दो टूक कहा है कि हम किसी के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देते इसलिए हमारे मामलों में भी किसी को दखल नहीं देना चाहिए।

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पाक प्रायोजित आतंक से बचने के लिए ऐहतियात

 भारत ने कश्मीर के घटनाक्रम को पूरी तरह से आंतरिक मामला बताते हुए कूटनीतिक स्तर पर विभिन्न देशों से कहा है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और सीमा पार से भड़काने वाली ताकतों से बचाव के लिए कश्मीर में ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। आम लोगों की सुरक्षा के साथ साथ उनके हितों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। किसी भी स्तर पर नागरिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा रहा है। बल्कि आम लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और आतंकवाद व अलगाववाद को अलग-थलग करने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं।

पाक कर रहा ब्लैकमेलिंग

सूत्रों ने कहा कि भारत, पाकिस्तान की किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देगा। कूटनीतिक जानकारों ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका को समर्थन के एवज में पाकिस्तान ब्लैकमेलिंग की नीति अपना रहा है। वह चाहता है कि दुनिया के देश इस इलाके में दखल दें। लेकिन उसकी मंशा कामयाब नहीं होगी। क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के इरादों को बेनकाब करने के लिए प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखा है।

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सीमा पार से खतरे की आशंका

भारत ने आशंका भी जताई है कि कश्मीर में आतंकी हरकतों को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान नए बहाने खोज रहा है। पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंक परोसने वाले आतंकी गुटों पर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इसलिए सीमा पार से शह देकर आतंकी हमलों का खतरा बना हुआ है।

पाकिस्तान को बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे 

भारत ने पाकिस्तान की बौखलाहट के बावजूद संयमित रुख अपनाया है। पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश को भारत ने खास तवज्जो नहीं दी है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारत पाकिस्तान की आतंक परोसने की कारस्तानियों को बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। एफएटीएफ को भी पाकिस्तान की आतंक के खिलाफ छद्म कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा।

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