UPSC IAS Interview: देश की प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पास होने वाले बहुत से प्रतियोगी ऐसे होते हैं जो पहले भी इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा को क्रैक कर चुके होते हैं। अपनी रैंक को और बेहतर करने व आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए वह अपनी तैयारी जारी रखते हैं। ऐसे उम्मीदवार जब दूसरी बार इंटरव्यू तक पहुंचते हैं तो उनसे उनकी पहली सफलता, पद और कार्य अनुभव से जुड़े प्रश्न पूछ लिए जाते हैं। इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य यह जानना चाहते हैं कि पद पर रहते हुए उम्मीदवार ने संबंधित कार्य व क्षेत्र के बारे में कितना जाना है। यहां हम ऐसे ही एक यूपीएससी इंटरव्यू का जिक्र करेंगे जिसमें कार्यानुभव से जुड़े दिलचस्प सवाल पूछे गए। ये इंटरव्यू था संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की 2017 की परीक्षा में 53वां स्थान हासिल करने वाली बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव की बेटी ज्योति कुमारी का। 

यहां पढ़ें इंटरव्यू की कहानी खुद आईएएस ज्योति की जुबानी…
” मेरा इंटरव्यू ऑफ्टरनून सेशन में था। बीएस बस्सी का बोर्ड था जो कि दिल्ली के पूर्व कमिश्नर रह चुके हैं। इंटरव्यू में ज्यादातर सवाल आपके बैकग्राउंड से होते हैं। आपने जिस विषय की पढ़ाई की है और जिस तरह के जॉब में आप रहे है, उससे जुड़े प्रश्न काफी पूछे जाते हैं। ग्रेजुएशन में मेरा विषय हिस्ट्री रहा था और मेरी जॉब दूरसंचार विभाग में थी, मुझसे इन दोनों क्षेत्रों से जुड़े काफी प्रश्न पूछे गए थे। मेरा डीएएफ देखकर मुझसे पूछा गया कि आपके स्कूल का नाम सेंट जोसेफ क्यों है? फिर मुझसे दूरसंचार विभाग से जुड़े प्रश्न पूछ गए जिसमें मैं काम कर रही थी। अगर आपको आपकी जॉब से जुड़े प्रश्नों के उत्तर नहीं आते हैं तो यह काफी नेगेटिव असर डालते हैं। उत्तर न पता होने का नतीजा यह  निकलता है कि अगर आप मौजूदा जॉब में अच्छा नहीं कर रहे हैं तो भविष्य की जॉब्स में भी अच्छा नहीं करेंगे, दी गई जॉब को गंभीरता से नहीं लेंगे। 

JIO पर पूछा गया प्रश्न
मुझसे पूछा गया कि JIO के आने से हमारी टेलीकॉम इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ा। मैंने उत्तर दिया कि इससे मार्केट में कॉलिंग व इंटरनेट डाटा का रेट सस्ता हुआ क्योंकि जियो काफी सस्ते ऑफर लेकर आया था। जियो के चलते अन्य कंपनियां भी अपने रेट घटाने के लिए मजबूर हो गईं। जो लोग इंटरनेट महंगा होने के चलते यूज नहीं कर पा रहे थे, सस्ता होने से उन लोगों की इस तक पहुंच बनी। लेकिन इसका असर टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनियों की आर्थिक सेहत पर भी पड़ा। उनकी कमाई कम हो गई। अब जब कंपनियों की कमाई कम हो गई इससे सेवाओं की क्वालिटी पर फर्क पड़ा। केबल व लाइन्स की क्वालिटी सुधरने की संभावना कम हो गई है। अगर लंबे समय की बात की जाए तो हमें अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सपोर्ट करने की जरूरत है। 
 

TRAI व CCI के काम पर प्रश्न
फिर मुझसे पूछा गया कि टेलीकॉम इंडस्ट्री को रेगुलेट करने वाली संस्था ट्राय और कंपीटीशन कमिशन ऑफ इंडिया (सीसीआई, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग) में क्या – क्या विवाद या विरोधाभास होता है। ये सवाल भी Jio पर बेस्ड था। ट्राय ने Jio Plans को स्वीकार कर लिया था। उसने Jio Offers को उचित माना। लेकिन सीसीआई (भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग) ने इस पर सवाल उठाए। सीसीआई ने कहा कि जियो का कदम प्रतिस्पर्धा के माहौल के खिलाफ है। इस मुद्दे पर दोनों संस्थाओं के बीच मतभेद था। 

फिर मुझसे पूछा गया कि अगर आपको अपने कॉल रेट बिना दाम बढ़ाए बढ़ाने हैं तो आप क्या करेंगी। कॉल महंगा हो जाए लेकिन लोगों को इसके दाम पहले जितने ही चुकाने पड़े। इसका आंसर ये था कि वैलिडिटी पीरियड कम करके ऐसा किया जा सकता है। 

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2014 में हासिल की थी 524वीं रैंक और 2017 में पाई 53वीं रैंक
यूपीएससी में पहली सफलता ज्योति को 2014 की परीक्षा में 524वीं रैंक के रूप में मिली थी। यह उनका तीसरा प्रयास था। उन्हें दूरसंचार विभाग मिला। अपनी रैंक को और बेहतर करने के लिए उन्होंने और अटेंप्ट दिए। दूरसंचार विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल के पद पर दिल्ली में पदस्थ ज्योति ने यूपीएससी 2017 में दूसरी बार सफलता (53वीं रैंक) हासिल की। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ज्योति ने 53वीं रैंक हासिल की। यह उनका छठा और अंतिम प्रयास था। इस बार उन्हें आईएएस मिला और AGMUT कैडर में उनकी पोस्टिंग हुई।

कहलगांव में मिठाई की दुकान चलाने वाले जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता की बेटी ज्योति की स्कूली शिक्षा- सेंट जोसेफ पकड़तल्ला कहलगांव से हुई। यहां वह 10वीं तक पढ़ीं। 12वीं कक्षा डीएवी श्यामली, रांची से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की राह पकड़ी और डीयू के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स किया। ग्रेजुएशन के बाद वह पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।

DU से हिस्ट्री ऑनर्स किया और UPSC में हिस्ट्री को ही चुना 
ज्योति बताती हैं, ‘मैंने हिस्ट्री ऑनर्स किया था। इस विषय में मेरी अच्छी पकड़ थी, इसलिए मैंने यूपीएससी में ऑप्शनल विषय के तौर पर यही विषय लिया था। तैयारी के दौरान मैंने कोई कोचिंग नहीं ली थी। मेरी सफलता में मेरी परिवार का काफी सपोर्ट रहा।’ 

करंट अफेयर रखें दुरुस्त
परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह देते हुए ज्योति ने कहा कि करंट अफेयर से काफी सवाल पूछ लिए जाते हैं। जिस दिन इंटरव्यू हो उस दिन का अखबार जरूर पढ़कर जाना चाहिए। इस एग्जाम के पैटर्न को समझें। विषय को सामाजिक, आर्थिक समेत तमाम पहलुओं से समझें। इंटरव्यू की तैयारी मेन्स खत्म होते ही कर देनी चाहिए। पर्सनैलिटी को चेंज करने में समय लगता है।

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