बेटे, बहू की प्रताड़ना से तंग आकर बुधवार की शाम नाथनगर मनसकामना नाथ रोड की रहने वाली एक 90 वर्ष की वृद्ध महिला भटकते हुए मधुसूदनपुर थाने पहुंच गई। जहां उसने थानाध्यक्ष को अपने बेटे और बहू की शिकायत करते हुए लगातार प्रताड़ित करने और घर से भगा देने का आरोप लगाया। 

थानाध्यक्ष द्वारा वृद्धा का नाम पूछने पर उसने कोई ठोस जवाब नही दिया और रोने-बिलखने लगी। वृद्धा सिर्फ एसएसपी के पास पहुंचाने की जिद कर रही थी। पूछताछ के क्रम में महिला ने बताया कि उसका नाम सरोला देवी है घर, नाथनगर बताया। उसने आने दो बेटों के नाम बालमुकुंद साह और किशन साह बताया। इसी बीच थाने पहुंचे एक व्यक्ति ने वृद्धा की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। आधे घंटे में एक व्यक्ति ने मधुसूदनपुर थाने फोन कर महिला को पहचानने की बात थानाध्यक्ष को कही और उसके बेटों के साथ थाना आने की बात कही। 

इस दौरान जब मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष ने वृद्ध महिला से बेटे की शिकायत लिखकर देने की बात कही तो वह तैयार नही हुई। कुछ खाने पीने को कहा उसपर भी राजी नही हुई। थोड़ी देर बीतने के बाद महिला के एक बेटे बालमुकुंद साह अपने परिचितों के साथ मधुसूदनपुर थाना पहुंचे और मां के पैर पर गिरकर माफी मांगने लगे। वृद्धा उसके साथ घर जाने को तैयार नही हुई। थानाध्यक्ष ने जब बालमुकुंद से जवाब-तलब किया तो उसने बताया कि उसकी मां सरोला देवी अपने छोटे बेटे के पास छह महीने से रहती है। छोटा भाई प्राइवेट नौकरी करता है और उसकी एक पार्ट्स मशीनरी की दुकान है। छोटी छोटी बातों पर मां थाना जाने की धमकी देती है। तंग आकर छोटे भाई की पत्नी ने कहा दिया था जाइये जहां जाना है। इसी बात पर वो घर से निकल गयी थी।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि मां-पिता की सेवा नही करोगे तो इनके धन जायदाद से भी कोई मतलब नही रखना पड़ेगा। कोर्ट का आदेश है। मां पिता को घर से भगाया तो जेल जाना पड़ेगा। इस बात को सुनकर बेटे बालमुकुंद ने मां सरोला के पैर पकडकर माफी मांगी और पुलिस से एक मौका देने को कहा। इसपर थानाध्यक्ष मनीष कुमार राजी हुए और मां को थाने से परिवार वालों को ले जाने दिया। इसी दौरान पोते ने रिक्शा बुला लाया और दादी को बैठाकर घर ले गया। थानाध्यक्ष ने घर जाकर मां का हाल चाल लेने की बात बेटे से कही। कहा यदि कोई गड़बड़ी हुई तो केस कर दूंगा।