दीपक दास, नई दिल्ली

ट्रांसपॉर्ट मंत्रालय ने ट्रक और बस ड्राइवरों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के फैसले को हटाने का फैसला किया है। भारी वाहनों (ट्रक-बस) को चलाने के लिए अभी तक आठवीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। इससे पहले कानून मंत्रालय ने इस तरह के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। हालांकि, ट्रांसपॉर्ट मंत्रालय इस अनिवार्य शैक्षिक योग्यता वाली शर्त को हटाने के फैसले पर विचार कर रहा है।


सड़क हादसों के आंकड़ों के बाद लिया गया फैसला


2016 में भारत में 4.8 लाख सड़क हादसे हुए थे जिसमें से 3.35 लाख सड़क हादसों में शामिल ड्राइवर आठवीं पास या उससे अधिक शिक्षित थे। ट्रांसपॉर्ट मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमारे पास ऐसा कोई डेटा नहीं है जिससे हम साबित कर सकें कि अशिक्षित ड्राइवरों के कारण ज्यादा हादसे होते हैं।’ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर की नौकरी के लिए आठवीं पास होना एक तरह से बाधा ही है।


अनिवार्य शैक्षिक योग्यता नौकरी के लिए बाधा


परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कक्षा 8 या उससे अधिक की शैक्षिक योग्यता ड्राइवर की नौकरी के लिए बाधा की तरह है। इस अनिवार्य प्रावधान को मोटर वीइकल कानून में बदलाव के जरिए खत्म किया जा सकता है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई मीटिंग में इस प्रावधान को बदलने का सुझाव दिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्राइवरों को लाइसेंस देने से पहले उनका रोड टेस्ट लिया जाता है। गाड़ी की गति, ब्रेक, सिग्नल, रेड लाइट आदि की पूरी जानकारी होने के बाद ही लाइसेंस दिया जाता है। एक शैक्षिक सर्टिफिकेट की इस लिहाज से कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए यातायात और ड्राइविंग नियमों को समझना अधिक जरूरी है। हाल ही में राजस्थान हाई कोर्ट ने अशिक्षित ड्राइवरों को पैदल चलनेवालों के लिए खतरा बताते हुए हटाने का आदेश दिया था।

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