पिछले तीन साल में ED ने रिकार्ड 33,500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने प्रमुख करनाल सिंह के तीन साल के कार्यकाल में रिकॉर्ड 33,500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की. और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े जांच में 390 आरोप पत्र दाखिल किए. सिंह रविवार को रिटायर हो रहे हैं. ईडी अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी एस के मिश्रा, सिंह की जगह लेंगे. सिंह ने 2015 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यभार संभाला था. सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और भ्रष्टाचार के कुछ अहम् मामलों में तेजी से जांच करने का श्रेय जाता है.

इनमें अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामला. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मनी लांड्रिग का मामला. राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्टरलिंग बायोटेक. विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की बैंकों के साथ धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं.

इसके अलावा इसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला घोटाले की जांच भी शामिल है. सिंह ने अतिरिक्त कार्यभार के तौर पर और नियमित प्रमुख के रूप में दोनों तरह से ईडी का नेतृत्व किया है. वह अगस्त 2015 से इस पद पर बने हुए हैं. सिंह 1984 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं.

पिछले तीन साल में जबरदस्त तेजी आई:

अधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन वर्ष के दौरान मामले पंजीकृत करने, संपत्ति जब्त करने और आरोपपत्र दाखिल करने में जबरदस्त तेजी दर्ज की गयी है.

ईडी ने 2015 से अब तक 33,563 करोड़ रुपए की संपत्ति की कुर्की की है जबकि इससे पहले 2005 से 2015 के बीच (10 वर्ष) में यह आंकड़ा 9,003 करोड़ रुपए था.

इस दौरान 390 आरोप पत्र या अभियोजन शिकायतें दाखिल की गई. इसकी तुलना में पिछले 10 वर्ष में सिर्फ 173 आरोप पत्र दाखिल किए गए थे. ईडी ने तीन साल में संपत्ति जब्त करने के लिए 565 अस्थायी आदेश जारी किए, जबकि इससे पहले के 10 साल में 492 थे.





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