क्राइस्टचर्च आतंकी हमला: अदालत में पेश किया गया आरोपी, 5 अप्रैल तक हिरासत में

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क्राइस्टचर्च। क्राइस्टचर्च में शुक्रवार को हुए आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया।ब्रेंटन हैरिसन ट्रेंट के रूप में पहचाने गए 28 वर्षीय संदिग्ध को पुलिस ने अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने हाजिर किया। शुक्रवार को जुमे की नमाज के वक्त क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर आतंकी हमले हुए थे, जिसमें कम से कम 49 लोग मारे गए। अदालत ने आरोपी को बिना किसी दलील के 5 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस हिरासत में भेजा गया आतंकी

पुलिस के अनुसार अल नूर मस्जिद में 41 और लिनवुड मस्जिद में सात लोग मारे गए हैं, जबकि एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई। दोनों मस्जिदों से कई बंदूकें बरामद की गई हैं। घटनास्थल पर दो वाहनों में विस्फोटक उपकरण पाए गए थे। आतंकी हमले की निंदा करते हुए जज अर्डर्न ने इसे “आतंकी हमला” बताया और कहा कि यह सुनियोजित ढंग से किया गया प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड इस हमले से नहीं हिलाया जा सकता है। पुलिस इस हमले को आतंकी हमला मानकर चल रही है। लगभग 17 मिनट तक चले इस हमले में संदिग्ध ने मस्जिदों में घुसकर कोहराम मचाया था। बताया जा रहा है कि आरोपी ऑस्ट्रेलियाई मूल का नागरिक है और क्राइस्टचर्च से लगभग 360 किमी दक्षिण में स्थित डुनेडिन का निवासी है। 49 लोगों की हत्या के आरोप में शनिवार को इसे क्राइस्टचर्च अदालत के सामने पेश किया गया। आरोपी जेल के सफेद कपड़े पहने हुए था। वह नंगे पैर था और हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। सुनवाई के दौरान वह चुप रहा और सार्वजनिक गैलरी में मीडियाकर्मियों को देखता रहा।

न्यूजीलैंड में शोक

इस हादसे के बाद न्यूजीलैंड में शोक की लहर दौड़ गई है। दुनिया भर में इस हमले की निंदा हो रही है। 5 अप्रैल को क्राइस्टचर्च उच्च न्यायालय ने बिना किसी दलील के हिरासत में भेज दिया । ड्यूटी वकील रिचर्ड पीटर्स ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कर दिया कि कोई भी जमानत आवेदन नहीं किया जाएगा। न्यूजीलैंड में अब तक के सबसे भयानक आतंकी हमले में शुक्रवार की नमाज के दौरान क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 49 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 48 घायल हो गए। इस हमले में बांग्लादेश की क्रिकेट बाल-बाल बच गई। स्वचालित हथियारों का उपयोग कर बंदूकधारियों ने जमकर फायरिंग की थी। इस सिलसिले में चार को हिरासत में लिया गया था। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जैकिंडा ने इसे देश के इतिहास में सबसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के मद्देनजर देश का कानून बदलेंगे। इस बात की जांच की जा रही है कि गिरफ्तार किए गए बाकी आरोपी हमले में शामिल थे या नहीं। हिरासत में लिए गए चौथे व्यक्ति को छोड़ दिया गया है ।

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