पाकिस्तान के रेल मंत्री ने दिया आपत्तिजनक बयान, कहा- करतारपुर गलियारे के स्टेशन का नाम खालिस्तान होगा

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नई दिल्ली। पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारत की एयरस्ट्राक पाकिस्तान के लिए नासूर बन चुकी है। भले ही पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा हो कि इस हमले में उसे कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है, मगर उसके मंत्री इस तबाही से बौखलाए हुए हैं। पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने शुक्रवार को एक आपत्तिजनक बयान में कहा है कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए बनाए जा रहे कतारपुर गलियारे के रेलवे स्टेशन का नाम वह खालिस्तान स्टेशन रखेंगे। इसे पहले भी रशीद भारत के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं। मंत्री के इस बयान ने साबित कर दिया कि पाकिस्तान खालिस्तान समर्थकों की मदद करता रहा है और भारतीय श्रद्धालुओं को बरगला कर दोबारा खालिस्तान का मुद्दा उठाना चाहता है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान पिछले साल करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ने के लिए गलियारा बनाने को सहमत हुए थे। सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देवजी ने करतारपुर में अंतिम समय बिताया था। इसे लेकर गुरुवार को भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के बीच अहम बैठक भी हुई थी।

रेल लाइन के लिए जमीन मुहैया कराई

इस बयान ने बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही बातचीत में कड़वाहट डाल दी। गुरुवार को हुई बैठक में करतारपुर गलियारे को बनाने में एक सकारात्मक वार्ता हुई थी। इस गलियारे में रेल लाइन बिछाने के लिए बीते साल ही पाकिस्तान सरकार ने सिख श्रद्धालुओं के लिए जमीन मुहैया कराई थी।

क्यों इतना खास है करतारपुर साहिब

करतारपुर कॉरीडोर सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है। करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्‍थान था। गुरू नानक ने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था। उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था। इस लिहाज से यह पवित्र स्थल सिखों के मन से जुड़ा धार्मिक स्थान है।