इजराइल और हमास में भड़का संघर्ष, रॉकेट अटैक के जवाब में गाजा पट्टी पर हवाई हमला

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तेल अवीव। मध्य-पूर्व में एक बार फिर से संघर्ष भड़क उठा है। इजराइल ने तेल अवीव पर हुए रॉकेट हमलों के बाद गाजा पट्टी पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। तेल अवीव शहर पर रॉकेट हमले के जवाब में शुक्रवार तड़के इजराइली युद्धक विमानों ने दक्षिणी गाजा पट्टी में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों पक्ष हिंसा के एक नए दौर में पहुंच गए हैं। रॉकेट हमले के बाद इजराइल सैन्य गार्डस ने जमीन पर मोर्चा संभाल लिया। 2014 के युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब इजराइल ने हवाई हमलों का सहारा लिया है। इजराइल के मुख्य सैन्य प्रवक्ता जनरल रोनेन मैनेलिस ने कहा कि सेना को गुरुवार की रात कई रॉकेट हमलों की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अभी भी यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कितने रॉकेट दागे गए है। आपको बता दें कि हमास के पास रॉकेटों और मिसाइलों का एक बड़ा शस्त्रागार है।

गाजा पट्टी पर हवाई हमला

गुरुवार देर रात तेल अवीव को रॉकेट से निशाना बनाया गया । हालांकि हमले से कोई क्षति नहीं हुई, लेकिन इसके बाद इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम टूट गया। हालांकि हमास ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, जबकि इजराइल का दावा है कि हमले हमास ने ही किए हैं। इस ताजा घटना ने हमास और इजराइल के बीच एक नए संकट को जन्म दिया है।प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य प्रमुख और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई। इसके कुछ ही समय बाद इजरायली युद्धक विमानों ने दक्षिणी और मध्य गाजा में हमास के ठिकानों पर हमला किया। विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि कुछ हमलों से गाजा पट्टी से 15 मील दूर गाजा सिटी में भी इसका धुआं देखा जा सकता था। इजराइल के युद्धक विमानों को गाजा सिटी के ऊपर आसमान में घूमते हुए देखा जा सकता है।

तेल अवीव पर रॉकेट हमले का जवाब

इजराइली सेना ने कहा है कि वह गाजा में “आतंकी साइटों” को निशाना बना रही है। इससे अधिक उसने कोई और जानकारी नहीं दी है। उधर फिलिस्तीनी मीडिया ने कहा कि सत्तारूढ़ हमास समूह के नौसैनिक ठिकानों पर हमला हुआ है। फिलहाल हताहतों के बारे में तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बता दें कि इजराइल और हमास के बीच लम्बे समय से दुश्मनी है। दोनों ने तीन युद्ध लड़े हैं। 2007 में इस्लामिक आतंकवादी समूह ने गाजा पर कब्जा कर लिया था। बता दें कि इजराइल और हमास के बीच आखिरी लड़ाई और हमास ने अपना आखिरी युद्ध 2014 में लड़ा था। उसके बाद तब छोटे-छोटे झगड़े छिटपुट रूप से होते रहे है। गौरतलब है कि इजराइल में एक महीने से भी कम समय में राष्ट्रीय चुनाव होने वाले है। नेतन्याहू को एक बार फिर वहां की सत्ता संभालने की उम्मीद है, लेकिन हमास के उग्रवादियों के खिलाफ अप्रभावी रहने पर उन्हें विरोधियों की भारी आलोचना का सामना करना पड़ा सकता है। उधर हमास ने गाजा में शुरू हुई कठोर परिस्थितियों के लिए इजराइल की सार्वजनिक आलोचना की है।

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