विनाशकारी हथियारों को खत्म करने के लिए भारत और अमरीका में सहमति

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वाशिंगटन। भारत और अमरीका ने बुधवार को विनाशकारी हथियारों के प्रसार और उनकी वितरण प्रणाली को रोकने के लिए एक साथ काम करने पर सहमति जाहिर की है। आतंकवादियों और खतरनाक नेताओं के हाथ में ऐसे हथियार न लग पाएं, इसके लिए दोनों देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। वाशिंगटन में आयोजित भारत-अमेरिका रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के नौवें दौर के दौरान यह समझौता हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश सचिव विजय गोखले ने किया, जबकि अमरीकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एंड्रिया थॉम्पसन ने किया। वह अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर आर्म्स कंट्रोल एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी की हेड हैं।

एकसाथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई

दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा और परमाणु अप्रसार चुनौतियों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचारों का आदान-प्रदान किया और सामूहिक विनाश के हथियारों और उनके वितरण प्रणालियों के प्रसार को रोकने पर बातचीत की। इसके साथ आतंकवादियों से ऐसे हथियारों तक पहुंच से रोकने के लिए एक साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।

मजबूत समर्थन की पुष्टि

अमरीका ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की प्रारंभिक सदस्यता के अपने मजबूत समर्थन की भी पुष्टि की। उन्होंने भारत में छह अमरीकी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना सहित द्विपक्षीय सुरक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध किया। दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष खतरों, संबंधित राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।

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