आतंकवाद पर अमरीका ने पाकिस्तान को फिर लताड़ा, कहा- भीषण था पुलवामा हमला

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वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पुलवामा हमले की निंदा की है। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि यह हमला भीषण था। उन्होंने कहा है कि बेहतर होगा आंतक के मामले पर भारत और पाकिस्तान साथ हो जाएं। अमरीकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलवामा आतंकवादी हमले की जांच के लिए हम भारत का पूरा सहयोग कर रहे हैं। पुलवामा हमले के बाद अमरीका ने पाकिस्तान से अपील की थी कि वह अपनी धरती से संचालित सभी आतंकवादी समूहों का समर्थन करना बंद करे।और उन्हें पनाह मुहैया कराना तुरंत बंद करे।भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जेस्टर ने यहां संवाददाताओं से कहा, आतंकवादी हमले की तह तक पहुंचने में हम भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

भीषण था पुलवामा हमला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पुलवामा में किए गए हमले को ‘भीषण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अभी अमरीका मामले के सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमरीका जल्द ही इस मामले पर आधिकारिक बयान देगा। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से भारत और पाक के बीच तनाव और भी बढ़ा है। इस पर व्हाइट हाउस से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है। अच्छा होगा, अगर आंतक के मामले पर भारत और पाकिस्तान साथ हो जाएं।

एक साथ आएं भारत और पाकिस्तान

ट्रंप ने कहा कि अमरीका की शुरू से यह नीति रही है कि आतंकवाद का मुकाबला करने भारत और पाकिस्तान एक साथ आ जाएं। उन्होंने कहा कि हमे इस मामले कई रिपोर्ट्स मिली हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत पर आंतकी हमले की वजह से दुनिया के सामने एक खराब स्थिति पैदा हो गई है। आतंकवाद दक्षिण एशिया के लिए बेहद खतरनाक है। नई चुनौतियों के माहौल में यह बेहद जरूरी है कि भारत और पाकिस्तान अब साथ आ जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अजीत डोभाल से बात कर भारत का समर्थन किया था। हमले के बाद जॉन बोल्टन ने भारतीय एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत करते हुए कहा था कि भारत को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।