पुलवामा की आड़ में भारत को बहुत कुछ कह गए इमरान खान, लगाया नसीहतों का अंबार

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नई दिल्ली। लम्बे इंतजार के बाद इमरान खान ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर अपना मुंह खोला। पुलवामा के बहाने इमरान खान भारत को बहुत कुछ कह गए। भारत को गीदड़भभकी देते हुए इमरान खान इशारों इशारों में धमकी भी दे गए। इमरान खान ने पुलवामा हमले के पांच दिन बाद इस घटना में अपने देश का हाथ होने पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि इमरान खान ने कहा कि पुलवामा में अटैक कराकर पाकिस्तान का कोई फायदा नहीं होने वाला। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान खुद 15 साल तक आतंकवाद से त्रस्त रहा है। इसलिए वह बेहतर जानता है कि दहशतगर्दी क्या होती है।

क्या था लम्बी चुप्पी का राज

पुलवामा हमले के बाद इमरान खान की चुप्पी को लेकर उनकी खासी आलोचना की गई। इस पर सफाई देते हुए इमरान ने कहा कि मेरी चुप्पी को लकेर भारत ने कई तरह की बातें की। जिस समय पुलवामा में हमले को अंजाम दिया गया उस समय पाकिस्तान सऊदी प्रिंस के आगमन की तैयारियों में लगा हुआ था। खैर, आज इमरान बोले तो जरूर, लेकिन वह इशारों में बहुत कुछ कह गए। भारत को उसकी कश्मीर नीति पर नसीहत देने से लेकर इमरान खान अटैक करने पर उचित जवाब देने की धमकी भी दे गए। इमरान खान ने भारत पर तंज कसते हुए कहा कि मेरे चुप्पी को मेरी कमजोरी न समझी जाए।

भारत को नसीहत

इमरान खान ने कश्मीर को लेकर उलटे ही भारत को ही नसीहत दे डाली। इमरान खान ने कहा, “मैं आपसे दो बातें कहना चाहता हूं। हिंदुस्तान में नई सोच आनी चाहिए कि क्या वजह है कि कश्मीर के नौजवान उस जगह पहुंच गए हैं कि उन्हें मौत का खौफ नहीं।” उन्होंने इस बयान के जरिये यह बात साफ कर दी कि असल में पुलवामा के बहाने वह भारत के राजनय को केवल आईना दिखा रहे थे। इमरान खान का बयान यह दिखाने के लिए काफी है कि असल में पाकिस्तान कश्मीर के आतंकियों को आतंकी नहीं मानता बल्कि ‘भटके हुए नौजवान’ मानता है।

चुनाव की आड़ में जंग की धमकी

इमरान ने भारत में होने वाले अगले चुनाव की आड़ लेते हुए कहा कि हिन्दुस्तान यह न सोचे कि अगर वह हम पर हमला करेगा तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा, “आपके इलेक्शन का साल है। अगर आप समझते हैं कि आप पाकिस्तान पर हमला करेंगे तो यह याद रखिए कि पाकिस्तान सोचेगा नहीं आपको जवाब देगा।’ इशारों में जंग शुरू करना आसान है लेकिन खत्म करना आसान काम नहीं है।

अतीत में न जाने की सलाह

इमरान ने कहा, “पाकिस्तान अब 15 साल आतंकवाद झेलने के बाद स्थिरता की ओर जा रहा है। 70 हजार पाकिस्तानी दहशतगर्दी में मारे गए हैं। हम क्यों इस तरह का हमला कराएंगे। इससे हमें फायदा क्या है।” इमरान ने कहा, “मैं हिंदुस्तान की सरकार से ये भी सवाल पूछना चाहता हूं कि अगर आपको अतीत में ही फंसा रहना है, और हर घटना के लिए पाक को जिम्मेदार ठहराना है तो आप वहीं रुके रहें। ये नया पाक है, नई माइंडसेट है, नई सोच है। यह हमारे हित में नहीं है कि न कोई बाहर से आकर हमारी जमीन पर आतंकवाद फैलाए, न हमारी जमीन से कोई बाहर जाकर आतंकवाद फैलाए।”

कितना गंभीर है पाक

इमरान खान ने पुलवामा हमले से अपनी धरती के इस्तेमाल होने से इनकार करते हुए जांच में सहयोग का पुराना राग अलापा। उन्होंने भारत को संबोधित करते हुए कहा, “आप जिस तरीके की तहकीकात करना चाहते हैं हम तैयार हैं। आपके पास इंटेलिजेंस रिपोर्ट है तो हमें सबूत दें हम एक्शन लेंगे।” अगर इस बात को गंभीरता से लिया जाए तो ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने यह दावा किया है कि भारत उसे सबूत दे, पाकिस्तान उसकी जांच करेगा। लेकिन एक बार फिर अहम सवाल यही है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर कितना गंभीर है। हम पहले भी देख चुके हैं कि पाकिस्तान अपने दावों को लेकर कभी गंभीर नहीं रहा है। भारत कई बार पाकिस्तान को उसकी आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबूत दे चूका है, लेकिन हर बार पाकिस्तान उसे नकार देता है।