तेहरान। इस्लामिक क्रांति की 40 वीं वर्षगांठ के मौक पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने अमरीकी राष्ट्रपति को मुर्ख कहकर संंबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमरीका लगातार साजिशें रच रहा है। वह इसमें कभी कामयाब नहीं होगा। इस दौरान हजारों लोगों का हुजूम मौजूद था। इसमें सैनिक,छात्र,सरकारी कर्मचारी और महिलाएं शामिल थीं। भारी बारिश के बावजूद इस समारोह में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि ईरान में सड़कों पर आज लोगों की उपस्थिति का मतलब है कि दुश्मन अपने बुरे उद्देश्यों पर कभी नहीं पहुंचेगा। इस दौरान सम्मेलन में शामिल लोगों ने अमरीकी झंडे भी फाड़े।

क्या है इस्लामिक क्रांति

11 फरवरी 1979 में धार्मिक नेता अयातुल्लाह रूहोल्लाह खमैनी देश वापस लौटे थे और उन्होंने उस क्रांति का नेतृत्व किया जिसने तत्कालीन शाह को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसी क्रांति की याद में नागरिकों ने राजधानी में मार्च किया। इस जुलूस में बुरका पहनी हुई महिलाएं भी थीं। निर्वासन से लौट कर खमैनी ने क्रांति का नेतृत्व किया और इसी क्रांति की बदौलत तत्कालीन शाह को सत्ता से हटना पड़ा। इस्लामिक गणराज्य आज उत्सव मना रहा है लेकिन घरेलू कठिनाइयों और अमेरिकी पाबंदियों की वजह से देश कठिन आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश के सर्वोच्च नेता खमैनी की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया है कि वह देश की प्रगति के लिए अगले कदम के बारे में विस्तार से बयान जारी करेंगे।

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