अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन को नए शरणार्थी नियमों को लागू करने की अनुमति दे दी। अमेरिका में शरण मांग रहे लोगों की संख्या में कटौती करने वाले इन नए नियमों को मंजूरी मिलने को ट्रंप प्रशासन की बड़ी जीत माना जा रहा है।

इस फैसले से ट्रंप को आगामी आम चुनाव में भी फायदा मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया कि-शरणार्थी मामले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला अमेरिका के लिए बड़ी विजय है। इस फैसले से ट्रंप प्रशासन अपनी नीति को लागू कर पाएगा। हालांकि निचली अदालतों में इस संबंध में मुकदमे चल रहे हैं। व्हाइटहाउस ने इस फैसले का स्वागत किया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता होगन गिडले ने कहा-हम खुश हैं कि उच्चतम न्यायालय ने शरणार्थी प्रणाली में चूक को खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण अदेश दिया, अब हम नियमों को लागू कर सकते हैं। प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि इससे दक्षिणी सीमा पर समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी और अंतत: अमेरिकी समुदाय सुरक्षित होगा।

यह है नया नियम
नया नियम उन प्रवासियों को प्रतिबंधित करता है जो अमेरिका में रहते हैं या तीसरे देश से आकर अमेरिका में शरण मांगते हैं। इस नियम का एक उद्देश्य मेक्सिको के माध्यम से यात्रा करने वाले लोगों को अमेरिका में शरण देने से रोकना है।

दो न्यायाधीश खिलाफ
नौ न्यायाधीशों में से जस्टिस सोनिया सोतोमयोर और रूथ बेडर जिन्सबर्ग ने नए कानून को मंजूरी देने के संबंध में अपनी असहमति जताई है। लेकिन अनुमति के लिए केवल पांच न्यायाधीशों की मंजूरी की आवश्यकता थी। इस बात की सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई कि कितने न्यायाधीशों ने कानून के पक्ष में अपनी मंजूरी दी।

शरणार्थियों को झटका
रिफ्यूजी इंटरनेशनल नामक संगठन के अनुसार उच्चतम न्यायालय का फैसला दक्षिणी सीमा पर शरण मांगने वाले लोगों के लिए एक झटका है। इसने कहा, ‘हम निराश हैं कि सर्वोच्च अदालत ने तीसरे देशों के जरिए आने वाले परिवारों और बच्चों को शरण देने से रोकने वाली नीति को मंजूरी दे दी।