बाल्टिक देशों के साथ संबंध बढ़ाने के भारत के प्रयास के तहत लातविया की यात्रा पर पहुंचे उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने देश के राष्ट्रपति इगिल्स लेवित्स के साथ व्यापक बातचीत की और इस दौरान दोनों देश मंगलवार को द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार करने पर सहमत हुए। उपराष्ट्रपति नायडू ने लातविया के राष्ट्रपति के साथ मीडिया में एक संयुक्त बयान में कहा कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने संस्कृति, शिक्षा एवं आर्थिक सहभागिता पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय भागीदारी में लोगों के बीच संबंध अहम स्तंभ होता है।

नायडू ने आयुर्वेद, योग, भारतीय संस्कृति, सिनेमा और खान-पान में लातविया के लोगों की अत्यधिक रुचि की प्रशंसा की और कहा कि भारत में भी लातवियाई संस्कृति एवं सिनेमा को लेकर रुचि बढ़ रही है। उपराष्ट्रपति तीन देशों लिथुआनिया, लातविया और एस्तोनिया की पांच दिवसीय यात्रा के दूसरे पड़ाव में सोमवार को लातविया पहुंचे। तीनों बाल्टिक देशों के लिये भारत से यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा है।

डोनाल्ड ट्रंप की इमरान खान को नसीहत, भारत के खिलाफ संभल कर करें बयानबाजी

नायडू ने कहा कि इस यात्रा से उन्हें भारत एवं लातविया के बीच विशेष संबंध को बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, ”यूरो-जोन के सबसे तेजी से उभरते सदस्य के रूप में लातविया गणराज्य के उद्भव से विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत प्रभावित हैं।” राष्ट्रपति लेवित्स और नायडू ने दोनों देशों की वैश्विक साझेदारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा, ”हमलोग अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहद घनिष्ठ सहयोग को लेकर सहमत हुए और इसे आगे भी जारी रखा जायेगा। मुझे विश्वास है कि मेरी इस यात्रा से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय जुड़ेगा।”

नायडू ने प्रधानमंत्री क्रिसजैनिस कैरिस से भी बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने, कारोबार में तेजी लाने तथा निवेश भागीदारी को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। पहले भारत-लातविया कारोबार मंच पर नायडू उद्योगपतियों से भी बातचीत करेंगे। एसोचेम इस कारोबारी मंच के लिये भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहा है। वार्ता के बाद दोनों देशों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के समझौते पर हस्ताक्षर किया। उपराष्ट्रपति ने लातविया की आजादी के नायकों को रीगा स्थित स्वतंत्रता स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।