एक पूर्व शीर्ष राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर इमरान खान की अमेरिका की यात्रा वास्तविकता के लिहाज से कमजोर यात्रा होगी और उनके पास ऐसा वादा करने के लिए कुछ भी नहीं है जो उन्होंने पहले ना किया हो। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”इमरान खान अमेरिका के नए राष्ट्रपति को पुराना माल बेचेंगे। उनके पास वादा करने के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है जो उन्होंने पहले ना किया हो।”

खान (66) पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक के साथ शनिवार दोपहर को अमेरिका पहुंचे। हक्कानी ने कहा, ”आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर नए वादे करने के लिए व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की सांकेतिक अहमियत के बावजूद वास्तविकता के लिहाज से यह यात्रा कमजोर होगी।”

खान का सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। इसके बाद ओवल कार्यालय में एक बैठक के बाद ट्रंप व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री की दोपहर के भोजन पर मेजबानी करेंगे।

पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के दौरान व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में रहे अनीश गोयल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”इस बैठक से कोई भी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, इसकी सफलता या असफलता बाद में दिखाई देगी। क्या पाकिस्तान हाफिज सईद को रिहा करेगा (जैसा वह पहले करता रहा है)? क्या व्हाइट हाउस आर्थिक सहायता बहाल करेगा? क्या पाकिस्तान तालिबान के साथ वार्ता और आतंकवाद निरोधक प्रयासों में अधिक मददगारी भूमिका निभाएगा? ये सभी महत्वपूर्ण सवाल हैं, जिनका जवाब खान के इस्लामाबाद लौटने के बाद ही मिल पाएगा।”

गोयल के अनुसार, खान की व्हाइट हाउस की यात्रा उनके और ट्रंप के लिए द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक राह पर वापस ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर है।