कंज्यूमर गुड्स में देश की सबसे बड़ी डील, जीएसके को 31700 करोड़ रु में खरीदेगी हिंदुस्तान यूनीलीवर,

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देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल), ग्लैक्सो स्मिथकलाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर (जीएसकेसीएच इंडिया) को 31,700 करोड़ रुपए में खरीदेगी। यह देश के एफएमसीजी सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील है। एचयूएल के बोर्ड ने सौदे को मंजूरी दे दी है। डील के लिए रेग्युलेटर और शेयरधारकों की मंजूरी लेनी पड़ेगी। सौदा 12 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।

इक्विटी मर्जर पर आधारित इस सौदे के तहत जीएसकेसीएच इंडिया के एक शेयर के बदले एचयूएल के 4.39 शेयर अलॉट किए जाएंगे। इसके बाद एचयूएल में यूनीलीवर की हिस्सेदारी 67.2% से घटकर 61.9% रह जाएगी। यूनीलीवर, एचयूएल की प्रमोटर कंपनी है।

जीएसके: 4,377 करोड़ रु के रेवेन्यू में न्यूट्रिशन ड्रिंक का बड़ा हिस्सा

जीएसकेसीएच इंडिया कंज्यूमर हेल्थकेयर से जुड़े उत्पाद बेचती है। इनमें हॉर्लिक्स जैसा लोकप्रिय ब्रांड भी शामिल है। एचयूएल से डील के तहत जीएसके का न्यूट्रिशन बिजनेस पूरी तरह एचयूएल में मर्ज हो जाएगा। इसमें सेंसोडाइन, ईनो और क्रोसीन ब्रांड भी शामिल हैं। मार्च 2018 को खत्म वित्त वर्ष में जीएसके का रेवेन्यू 4,377 करोड़ रुपए रहा। इसके रेवेन्यू का ज्यादातर हिस्सा हॉर्लिक्स और बूस्ट जैसे न्यूट्रिशन उत्पादों से आता है।

न्यूट्रिशन ड्रिंक मार्केट में हॉर्लिक्स का 43% मार्केट शेयर
जीएसके दुनियाभर में जितना हॉर्लिक्स बेचता है उसमें भारत की हिस्सेदारी 85 से 90% है। देश के न्यूट्रिशन ड्रिंक मार्केट में हॉर्लिक्स 43% मार्केट शेयर के साथ सबसे बड़ा ब्रांड है। मॉन्डेलेज इंटरनेशनल के बॉर्नविटा की 13% हिस्सेदारी है।

7 लाख आउटलेट्स तक हिंदुस्तान यूनीलीवर की पहुंच
एचयूएल देशभर में 35 लाख स्टोर के जरिए अपने उत्पादों की सीधी बिक्री करती है। 7 लाख आउटलेट्स तक इसकी पहुंच है। एनालिस्ट का कहना है कि इस डील से एचयूएल के पास जाने से जीएसके के हॉर्लिक्स और दूसरे उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी। जुलाई-सितंबर में एचयूएल का मुनाफा 19.51% बढ़कर 1,525 करोड़ रुपए रहा। बिक्री 9,138 करोड़ रुपए रही। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 11.45% ज्यादा है।

145 साल पुराना हॉर्लिक्स फिर से ब्रिटिश कंपनी के पास जाएगा
हॉर्लिक्स को साल 1873 में दो ब्रिटिश भाइयों विलियम हॉर्लिक और जेम्‍स ने इंग्‍लैंड में र्इजाद किया था। इसे 1969 में जीएसके ग्रुप को बेच दिया गया था। भारत में इसकी एंट्री पहले विश्‍व युद्ध के बाद हुई। ब्रिटिश आर्मी के भारतीय सैनिक इसे अपने साथ लाए थे। यह बच्चों के न्यूट्रिशन ड्रिंक के तौर पर काफी लोकप्रिय हो गया। अब एक बार फिर इस पर ब्रिटिश कंपनी यूनीलीवर का अधिकार हो जाएगा। क्योंकि, हॉर्लिक्स को खरीदने वाली एचयूएल, यूनीलीवर की भारतीय सब्सिडियरी है।

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