जकार्ता। इंडोनेशिया में शुक्रवार शाम को आए भूकंप के बाद कई और झटके महसूस किए गए हैं। शुक्रवार को आए 6.8 तीव्रता के भूकंप के बाद इंडोनेशिया में 20 आफ्टरशॉक्स रिकॉर्ड किए गए हैं। इसके बाद लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।आलम यह है कि इंडोनेशिया के सुलावेसी इलाके में लोग घरों के अंदर जाने को तैयार नहीं हैं। पूरी रात लोगों ने सड़कों पर जागते हुए बिताई।

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आफ्टरशॉक्स से लोगों में डर और दहशत

इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी के लिए अतिसंवेदनशील है क्योंकि यह प्रशांत महासागर बेसिन के अत्यधिक भूकंप वाले क्षेत्र में रिंग ऑफ फायर पर स्थित है। इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी प्रांत में शुक्रवार शाम आए 6.8 तीव्रता के भूकंप के बाद कम से कम 20 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने इंडोनेशिया के मौसम विज्ञान, क्लाइमेटोलॉजी और भूभौतिकी एजेंसी (बीएमकेजी) के अध्यक्ष के हवाले से कहा है कि शुक्रवार देर रात पश्चिमी इंडोनेशिया में 20 आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए हैं। बीएमकेजी के चेयरपर्सन द्विकोरिता कर्णावती के अनुसार सबसे मजबूत आफ्टरशॉक रिक्टर स्केल पर 5.6 दर्ज किया गया है,जबकि सबसे हल्का 3.4 था।

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सुलावेसी के लोगों में दहशत

6.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सुलावेसी में सुनामी की चेतावनी जारी गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। सितंबर 2018 के दोहरे भूकंप और सुनामी में यहां 4,340 लोगों की जान चली गई थी। यहां पर विस्थापितों के पुनर्वास के प्रयास अभी भी चल रहे हैं। पालू और डोंगाला शहरों को इस भूकंप ने सबसे अधिक प्रभावित किया था। बता दें कि दिसंबर 2004 में सुमात्रा द्वीप में 9.1 तीव्रता के भूकंप ने हिंद महासागर में मजबूत सुनामी लहरें पैदा कीं, जिससे भारत और श्रीलंका सहित दर्जनों देशों में दो लाख से अधिक लोग मारे गए थे।

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