नई दिल्ली। भले ही केंद्र सरकार अपनी परियोजनाओं और घोषणाओं का जमकर प्रचार कर रही हो, लेकिन युवाओं को किए वादे पर सरकार पूरी तरह से विफल हुई है। पिछले दो सालों से बेरोजगारी को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही केंद्र सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2012 से लेकर 2018 तक 2 करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं। सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट को उजागर नहीं किया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस संगठन की रिपोर्ट ने यह बात कही है।

दो करोड़ युवा हुए बेरोजगार
राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2011-12 से लेकर वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान पांच साल में देश में पुरुष कार्यबल में करीब दो करोड़ की कमी आई। एनएसएस की इस रिपोर्ट को हाल ही में सरकार ने दबा दिया। एनएसएसओ की आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) रिपोर्ट 2017-18 की समीक्षा में बताया गया है कि वर्ष 2017-18 के दौरान सिर्फ 28.6 करोड़ पुरुष देश में रोजगार में थे जबकि 2011-12 में 30.4 करोड़ पुरुष रोजगार में थे। यह समीक्षा अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

कुछ ऐसी रही है स्थिति
भारत का पुरुष कार्यबल 1993-94 में 21.9 करोड़ था, जिसके बाद पहली बार इसमें कमी दर्ज की गई है। पुरुष कार्यबल 2011-12 दौरान बढ़कर 30.4 करोड़ हो गया जबकि 2017-18 में घटकर 28.6 करोड़ रह गया। पीएलएफएस की रिपोर्ट जुलाई 2017 से लेकर जून 2018 के बीच तैयार की गई। आपको बता दें कि 2014 में खुद नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी कैंपेन में युवाओं को हर साल करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन मौजूदा रिपोर्ट से केंद्र सरकार के सभी दावों को की पोल खुलती नजर आ रही है।

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