चार करोड़ के दोमुंहें साँप के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

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पालघर : पालघर की लोकल क्राइम ब्रांच के सिनियर पीआई जितेंद्र वनकोटी की वसई यूनिट की टीम द्वारा मंगलवार दोपहर 4:30 बजे के आसपास मुंबई – अहमदाबाद हाइवे क्रम 08 के मनोर पुलिस स्टेशन अंतर्गत पोचाडे गाँव स्थित एक वाड़ी से दो जिंदा साँप (बोआ ) पकड़ने की घटना सामने आयी है।

दुर्लभ प्रजाति का दो मुँहा साँप

टीम ने दो साँप सहित 2 लोगो को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों की माने तो बरामद साँप की कीमत करोड़ो रूपये की है और इन साँपों को काला जादू करने में इस्तमाल किया जा रहा था,हालाँकि वन्यजीव सरक्षण अधिनियम 1972 कलम 39 (3) सह कलम 51 (ब) के तहत मामला दर्ज कर मनोर पुलिस को सौप दिया है।

जानकार बताते हैं कि बोआ का बसेरा सबसे ज्यादा गुजरात में है। ये गुजरात के सूरत,वलसाड और वापी के अलावा दादर और नागर हवेली में पाए जाते हैं। इसके अलावा मटमैले रंगों वाला इस सांप का महाराष्ट्र,आंध्र प्रदेश की सीमा तमिलनाडु और उत्तर-पूर्वी इलाकों के मैदानी और दलदली भागों में भी बसेरा है।

कहा जाता है कि बोआ जितना मोटा होगा,उसकी कीमत भी उतनी ज्यादा होगी। बकायादा इनका रेट कॉर्ड भी है ; 250 ग्राम का बोआ 2-5 लाख रुपया में,जबकि 500 ग्राम का 8-10 लाख रुपये में बिकता है। एक किलो के बोआ की कीमत एक करोड़ रुपये तक हो सकती है,जबकि दो किलो का बोआ 3-5 करोड़ रुपये में बिकता है। कई इलाकों में इसे शुभ संकेत माना जाता है; शायद यही वजह है कि रेट कॉर्ड के चक्कर में इन बेजुबानों का वजन इंजेक्शन देकर बढ़ाया जाता है। दरअसल बोआ के तस्कर इससे जुड़ी मान्यताओं को भी भुनाते हैं।

अगर घर के आसपास बोआ दिख गया, तो देश के कई इलाकों में इसे शुभ संकेत माना जाता है। दक्षिण के कई राज्यों में इसे मटके में रखा जाता है और माना जाता है कि इससे धन की प्राप्ति होती है। मान्यता घर की तरक्की से जुड़ी है,इसलिए जहरीला नहीं होने से लोग इसे पालने से डरते नहीं। इससे ताकत की गोलियां भी बनाई जाती हैं ; इतना ही नहीं अगर इसे पाला,तो आमदनी का एक और जरिया भी खुलता है। पूजा के लिए लोग इसे किराये पर भी लगाते हैं और पैसे घंटे के हिसाब से मिलते हैं। उधर,ऐसे मामले भी कम नहीं, जब इस दोमुंहे की आहुति दी जाती है और ये मान्यता जुड़ी है काला जादू से।

छानबीन जारी है,इसमे और आरोपी हो सकते है : पीआई वनकोटी

एक जानकारी के मुताबिक दक्षिण एशियाई देशों में इससे ताकत की गोलियां भी बनाई जाती हैं। कुछ नई दवाओं के रिसर्च में भी इसे आजमाया जा रहा है।

लोकल क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्यवाही-

पालघर लोकल क्राइम ब्रांच के सीनियर पीआई जिंतेंद्र वनकोटी को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग मनोर पुलिस स्टेशन अंतर्गत एक गाँव मे विशेष प्रजातियों के साँप को पकड़कर रखा गया है। वसई यूनिट के पुलिस उप निरीक्षक हितेंद्र विचारे ने अपनी टीम के साथ मंगलवार 4:30 बजे पोचाडे गाँव घर नंबर 467 के पीछे वाली वाड़ी में गोवाडे निवासी सुनील पांडुरंग धानावा (46) पवन शंकर भोया (39) वर्षीय के घर पर छापेमारी की। इसी दौरान दो कपड़े की अलग – अलग थैली में से एक मांडूल प्रजाति का धुमिल ,53 इंच लंबा 4 किलो वजन साँप,जिसकी कीमत लगभग 1,20,00000 को व दूसरी थैली से इसी प्रजाति का 41 इंच लंबा 1 किलो वजन का 30,00000 (वन्यजीव ) साँप बरामद किया।

गौरतलब हो कि संरक्षण के नियमो को ताक पर रखकर इन साँपों का उपयोग कीमती दवाईयों व काले जादू करते थे। पुलिस ने बताया कि कुलमिलाकर 1 करोड़ 50 लाख रूपये का मुद्देमाल जब्त किये गये है। उक्त मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जितेंद्र बनकोटी(वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक,लोकल क्राइम ब्रांच)

जितेंद्र वनकोटी ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है,इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करोडो रूपये का साँप बरामद किया गया है। तथा साँप को बेचना और खरीदना वन्य जीव अधिनियम के तहत कानूनन अपराध है,हालाँकि आगे की छानबीन की जा रही और आरोपी हो सकते है।

यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है,इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करोडो रूपये का साँप बरामद किया गया है। तथा साँप को बेचना और खरीदना वन्य जीव अधिनियम के तहत कानूनन अपराध है,हालाँकि आगे की छानबीन की जा रही और आरोपी हो सकते है-जितेंद्र बनकोटी (पी.आई एलसीबी)