पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात विशेष सेवा पदक के लिए नामित

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तेजतर्रार पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते हैं मल्हार थोरात

दूसरी बार सम्मानित किए जाएंगे मल्हार

पालघर। पालघर जिले के तुलिंज पुलिस स्टेशन में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात सहित सात अन्य पुलिस कर्मियों को विशेष एवम खड़तर सेवा पदक के लिए नामित किया गया है।

महाराष्ट्र पुलिस महासंचालक की ओर से दिए जा रहे इस विशेष सेवा पदक के लिए उन बहादुर पुलिसकर्मियों का चुनाव किया गया है।जिन्होंने नक्सलवादी क्षेत्रों में अपनी सूझ बूझ और जाबांजी का परिचय देते हुए कठिन और खतरनाक परिस्थियों
में अपनी सेवा प्रदान की है।जिसमे तुलिंज पुलिस स्टेशन में सेवारत पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात सहित अजीत सदाशिव कणसे ,प्रशांत बालासाहब पासलकर,सिद्धेश सुरेश शिंदे,जयेश अनंदा खन्दरकर,महेश भिमराव गावड़े, प्रमोद बलिराम बनकर तथा चांगदेव नामदेव कोलेकर शामिल हैं।

ज्ञात हो कि पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात की 12 मार्च 2015 में गडचिरोली में पहली नियुक्त पहली हुई।गडचिरोली जिले में विशेष अभियान पथक C-60 के लिए दो साल सेवा देने के बाद ,चामोरशी पुलिस स्टेशन में लगभग डेढ़ साल दिया जिसके बाद पालघर नियुक्त किये।

सर्वविदित है कि गडचिरोली जिला एक नक्सल प्रभावित जिला है जहां पुलिसकर्मी अपनी जान हथेली पर लेकर सेवा देते हैं।ऐसे में पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात ने अपने प्रयासों से एक नक्सली का आत्मसमर्पण करवाया ।नक्सलियों द्वारा तीन जगहों पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को नष्ट किया। नक्सलियों के साथ चार से अधिक बार आमने सामने फायरिंग भी हुई। ऐसी कई विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए अपनी सेवा देने के लिए इन्हें 1 मई 2017 को महाराष्ट्र पुलिस महासंचालक द्वारा ‘पुलिस महासंचालक पदक’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

पुलिस उपनिरीक्षक मल्हार थोरात की सूझ- बूझ का ताजा उदाहरण है, जब 13 मार्च 2019 में नालासोपारा पूर्व के डी-मार्ट के पास एक दम्पत्ति को आधी रात के समय ,लूटने वाले चार चैन स्नेचरों को घटना के महज दो घण्टों के अंदर गिरफ्तार करते हुए, लगभग पचासी हजार का मुद्दे माल सहित चार आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई थी।जिसके बाद उनकी सूझ बूझ और तत्परता की खूब चर्चा रही ।