गोवा की कमान किसके हाथ, रातभर चला बैठकों का सिलसिला, नहीं बनी सहमति

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पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन होने के बाद राज्य में बीजपी नीत गठबंधन दलों ने एक नए नेता की तलाश में बैठक की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस बैठक में शामिल होने के लिए देर रात पणजी पहुंचे. बैठक में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई सहित उनके तीन विधायकों और एमजीपी के तीन विधायकों ने राज्य परिवहन मंत्री सुदीन धवलीकर के नेतृत्व में हिस्सा लिया. बैठक में प्रदेश बीजपी के संगठन महासचिव सतीश धोंड, निर्दलीय विधायक और राज्य के राजस्व मंत्री रोहन खौंते तथा कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गावडे भी मौजूद थे.

बैठक के बाद गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और बीजेपी विधायक माइकल लोबो ने बताया कि महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के नेता सुदिन धावालिकर मुख्यमंत्री बनना चाहते है, उन्होंने कहा है कि वह बीजेपी को समर्थन देने के लिए कई बार बलिदान कर चुके है, उन्होंने अपनी मांग रख दी है, लेकिन बीजेपी इस पर सहमत नहीं है.

वहीं कांग्रेस नेता पूर्व सीएम दिगंबर कामत के बीजेपी में जाने की खबर भी सामने आ रही है. ऐसा बताया जा रहा है कि कामत दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक होने जा रही है. इस सवाल पर काम ने कहा, ‘गोवा जो लोग कह रहे थे उनसे पूछिए, मैंने साफ-साफ कह दिया है. मेरा दिल्ली जाने का कार्यक्रम 3 दिन पहले ही बन गया था. झूठी खबरें जानबूझ कर फैलाई जा रही हैं.’

उधर सुदिन धावनलीकर ने नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक के बाद बताया कि वह अपनी पार्टी के विधायकों के साथ बैठक के बाद ही कुछ बता पाएंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं अभी पार्टी की एक्जिक्यूटिव कमेटी की बैठक के लिए जा रहा हूं. मैं उनसे प्रस्ताव लाने के बारे में कहूंगा. एक घंटे बाद ही मैं बता पाउंगा कि कौन सीएम कैंडिडेट होगा.’ 

वहीं गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई ने अपनी पार्टी के विधायक विनोद पल्येकर, जयेश सलगांवकर और दो निर्दलीय विधायक रोहन खाउंटे और गोविंद गौउडे भी नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पहुंचे थे. विजय सरदेसाई ने कहा कि हमने बीजेपी को नहीं मनोहर पर्रिकर को समर्थन दिया था। अब वो नहीं हैं सभी विकल्प खुले हैं। हम गोवा में राजनीतिक संकट नहीं चाहते। हम बीजेपी के फैसले का इंतज़ार करेंगे और उसके बाद कोई कदम उठाएंगे

बता दें कि पर्रिकर (63) का रविवार को उनके निजी आवास पर अग्नाशय कैंसर से निधन हो गया. वह गोवा में एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें बीजपी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल हैं.

पणजी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पर्रिकर के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरुरत होगी. यह गोवा में चौथा उपचुनाव होगा. यहां 23 अप्रैल को शिरोडा, मांडरेम और मापुसा विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं. इन सीटों के लिए उपचुनाव राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ होंगे.

राज्य विधायी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री पर्रिकर के निधन के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन को अपना नेता चुनने के बाद राज्यपाल के समक्ष दावा पेश करना होगा. इसमें समर्थन का पत्र भी होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि राज्यपाल (मृदुला सिन्हा) आश्वस्त नहीं होती हैं तो उन्हें सरकार बनाने के लिए अकेली सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना होगा.’’ पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर को 2017 में गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलायी गई थी.

कांग्रेस वर्तमान में 14 विधायकों के साथ राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है जबकि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में बीजपी के पास 12 विधायक हैं. गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीयों के तीन..तीन विधायक हैं जबकि एनसीपी का एक विधायक है. इस साल के शुरु में बीजपी विधायक फ्रांसिस डिसूजा और रविवार को पर्रिकर के निधन तथा पिछले साल कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के इस्तीफे के कारण सदन में विधायकों की संख्या 36 रह गई है.

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