चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

8
चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में दाखिल राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने 10 जनवरी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

 

लालू प्रसाद यादव दिसंबर 2017 से जेल में बंद

चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव दिसंबर 2017 से जेल में बंद हैं। उनको रांची की बिरसा मुंडा जेल में रखा गया है। लालू की बढ़ती उम्र और उनके खराब स्वास्थ्य हवाला देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में उनकी जमानत संबंधी याचिका लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने उनकी इस दलील को मानने से इनकार कर दिया था और जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

याचिका में लालू की ओर से कहा गया था कि 71 वर्षीय लालू ब्लड प्रेशर, शुगर समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। लालू का इलाज रांची स्थित रिम्स में किया जा रहा है। आपको बता दें कि हाईकोर्ट के इस आदेश को राजद प्रमुख ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लोकसभा चुनाव को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि लालू प्रसाद यादव राजद अध्यक्ष भी हैं तो ऐसे में चुनावी तैयारियों को लेकर उनका बाहर आना बेहद जरूरी माना जा रहा था। राजनीतिक जानकारों की मानें तो लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी अध्यक्ष को नेताओं के साथ उन्हें कई बैठक करनी होती। चुनावी रणनीति तय करनी होती है। यहां तक कि उम्मीदवारों के नाम भी तय करने होते हैं। उम्मीदवारों को सिंबल देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्ताक्षर होना जरूरी होता है।

चारा घोटाला

बता दें कि 30 सितंबर, 2013 को अदालत ने चारा घोटाले में फैसला सुनाया था। चारा घोटाले में 17 साल बाद आए फैसले में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 लोगों को दोषी करार दिया गया था। इनके अलावा मुख्य आरोपियों में आईएएस अफसर महेश प्रसाद, फूलचंद सिंह, बेक जूलियस, के अर्मुगम और आयकर अधिकारी एसी चौधरी, पशुधन विकास मंत्री-विद्या सागर निषाद, आर के राणा और ध्रुव भगत भी शामिल थे।