मुंबई का कचरा अंबरनाथ में होगा डंप

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अब जल्द ही मुंबई की डंपिग ग्राऊंड की समस्या समाप्त होगी। राज्य सरकार की ओर से बीएमसी को अंबरनाथ के करवले में 52 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है।उपलब्ध जमीन में 40 एकड़ जमीन राज्य सरकार की है, जबकि 12 एकड़ जमीन सरकार ने स्थानीयलोगों से लेकर बीएमसी को सौंपी है।

इसलिए सरकार और जमीन मालिक को 10 करोड़ रुपए दिए हैं। पिछले कुछ समय से मुलुंड और देवनार डंपिंग ग्राउंड की क्षमता समाप्त हो रही थी। इसके चलते डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह उपलब्ध कराना बीएमसी के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी। बीएमसी को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने तलोजा, अंबरनाथ में डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। पर तलोजा में डम्पिंग ग्राउंड का जोरदार विरोध हो रहा था। इसके बाद राज्य सरकार ने अंबरनाथ की जमीन उपलब्ध कराई है।

अंबरनाथ में 52.हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि राज्य सरकार ने जो जमीन उपलब्ध कराई है, उसमें 39,90 हेक्टेयर जमीन राज्य सरकार की है, जबकि 12.20 हेक्टेयर जमीन निजी जमीन मालिकों की है। बीएमसी डंपिंग ग्राउंड के क्लियर 10 करोड़ रुपए राज्य सरकार को देगी। पहले चरण में सरकार बीएमसी को 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। डंपिग ग्राउंड की जमीन पर वर्तमान में कुल 8 घर हैं। जिला कलेक्टर इन सभी के पुनर्वसन की व्यवस्था करेंगे।

यहां के सभी रहिवासियों को 500 से 600 वर्ग फुट का घर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 45 लाख रूपए खर्च होने हैं। राज्य सरकार ने तीन दिसंबर को तीन महीने के भीतर डंपिंग ग्राउंड की जमीन बीएमसी को दिए जाने का आश्वसन कोर्ट को दिया था। वर्तमान में अंबरनाथ की यह जमीन मनपा के कब्जे में आ गई है। बीएमसी प्रशासन ने इस जमीन पर कांजुर मार्ग डंपिंग ग्राउंड की तर्ज पर कचरे पर प्रक्रिया करने का प्रोजेक्ट लगाने का निर्णय लिया है।

इससे इस इलाके के आसपास रहने वाले लोगों को कचरे से होने वाली दुर्गंध से परेशानी नहीं होगी। मुंबई के विविध्र इलाकों से रोज सात हजार 200 मैट्रिक टन कचरा निकलता है। इसको कहां फेका जाए यह एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी। रोजना निकलने वाले 7200 मैट्रिक टन कचरे में 200 से अधिक मैट्रिक टन कचरा मुलुंड डंपिंग ग्राउंड पर जाता था। मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की क्षमता समाप्त हो जाने के कारण कोर्ट ने यह डंपिंग ग्राउंड बंद करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद डंपिग ग्राउंड न मिलने के कारण मुलुंड डंपिंग ग्राउंड को बंद नहीं किया जा सका था।अंबरनाथ में जगह मिलने के बाद अब डंपिंग की समस्या जल्द से जल्द हल हो जाएगी।

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