नालासोपारा: फिलहाल अभी न तो चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई गई और ना ही उम्मीदवारों के नाम का खुलासा लेकिन पिछले कुछ ही दिनों में ऐसा लगने लगा है कि आज कल में ही चुनाव होने वाला है।

चोर की पोलीस??

विरार में लगे चोर की पोलीस? नामक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोरीं।उसी प्रकार सोशल मीडिया पर भी दो तीन वीडियो जारी किये गए जिसमें सत्तासीन पार्टी बविआ के कार्यकाल में टैंकर व्यवसाय और बारिश में शहर के डूब जाने का मार्मिक चित्रण कर निशाना साधा गया है।

चोर क़ी पोलीस शब्द पर मंथन

विरार में लगाया गया यह पोस्टर जैसे ही लोगों की नजरों में आया , लोगों ने इसके अर्थ को लेकर कयास लगाना शुरू कर दिया। क्योंकि इसके शब्दिक अर्थ को लेकर सन्देश और अर्थ में भिन्नता नजर आयी।
अगर विशुद्ध हिंदी की बात करें तो चोर की पोलीस का अर्थ होता है चोर के लिए पुलिस।जबकि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह पोस्टर शिवसेना द्वारा ही लगवाया गया था जिसमें इस पोस्टर का अर्थ है कि जनता किसे चुने ,चोर या फिर पुलिस को?

बीजेपी का एक धड़ा ,माँग पर अड़ा !

चुनाव नजदीक आते ही नेता एक तरफ मतदाताओं को रिझाने में लग गए हैं तो दूसरी तरफ टिकट बंटवारे पर हो रही मंथन पर अपना टिकट कट जाने को लेकर आशंकित बीजेपी का एक गुट बाग़ी होते नजर आ रहा है।

बीते कुछ दिनों के घटनाक्रम को देखा जाय तो जब से एनकॉउंर की दुनियां में झंडे गाड़ने वाले प्रदीप शर्मा ने पुलिस महकमे से त्यागपत्र देकर नेतागिरी की दुनियां में कदम रखा है तब से ही नालासोपारा की राजनीति में भूचाल सा आ गया है।

शिवसेना का दामन थामते ही विरोधी पक्ष और सहयोगी पक्ष दोनो के कान खड़े हो गए हैं।सत्तासीन स्थानीय पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं और शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है ।

इसी सब के बीच बीते दिनों प्रदीप शर्मा ने शिवसेना के बैनर तले अपनी पहली धमाकेदार राजनीतिक रैली का श्रीगणेश किया। इस रैली को जनता का जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला जिससे विरोधियों के माथे पर बल पड़ गए हैं।

बीजेपी का एक धड़ा हुआ बाग़ी

नालासोपारा विधानसभा में शिवसेना से प्रदीप शर्मा की रैली और इस सीट के लिए दावेदारी को देखते हुए बीजेपी के एक गुट में असंतोष व्याप्त हो गया है। नालासोपारा विधानसभा से बीजेपी को टिकट न मिलने की आशंका से चिंन्तित बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नालासोपारा के अम्बवाड़ी में कार्यकर्ता सम्मेलन कर अपनी मांग रखी।उनका कहना है कि सांसद की सीट तो शिवसेना को दे दी गयी अब विधायक के लिए कम से कम बीजेपी का प्रत्याशी होना ही चाहिए।उधर प्रदीप शर्मा की रैली में बीजेपी का एक धड़ा शामिल नजर आया,उनसे हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व के आदेश का स्वागत करते हुए हम शिवसेना के भावी प्रत्याशी की रैली कर रह हैं।हमें कोई आपत्ति नहीं है।टिकट शिवसेना को मिले या बीजेपी को हमें कोई दिक्कत नहीं।

टिकट नहीं मिला तो बविआ को समर्थन

सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही इस पोस्ट को अगर देखा जाय तो टिकट न मिलने की परिस्थिति में बीजेपी का यह धड़ा आंतरिक रूप से स्थानीय सत्तासीन पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी को सपोर्ट करेंगे।

बता दें कि वर्तमान पालघर सांसद कभी बीजेपी के सांसद हुआ करते थे। बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में बीजेपी शिवसेना गठबंधन की वजह से सांसद राजेन्द्र गावित को शिवसेना में शामिल होना पड़ा।जिसके बाद सांसद बने गावित अब शिवसेना के सदस्य कहे जाने लगे।कुल मिलाकर अगर इस बार भी नालासोपारा से शिवसेना के प्रदीप शर्मा को टिकट मिलता है तो बीजेपी नेताओं के हाथ अगले 5 साल तक के लिए खाली रहेंगे।

भविष्य के गर्त में क्या छुपा है यह तो वक़्त ही बातएगा लेकिन राजनीतिक पारा अभी से उतना चढ़ गया है कि आगामी चुनाव में महासंग्राम होना सुनिश्चित हो चुका है।

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