विश्वप्रसिद्ध मेले में देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों के स्वागत के लिए मोक्षधाम विष्णुनगरी सज-धज कर तैयार हो चुकी है। बता दें, त्रिपाक्षिक पिंडदान करने वाले करीब 15 हजार तीर्थयात्री गयाधाम आ चुके हैं। जो गुरुवार को पुनपुन नदी या गया के गोदावरी तालाब से गयाश्राद्ध शुरू करेंगे। इसके बाद भाद्रपद्र चतुदर्शी शुक्रवार फल्गु नदी से 17 दिनों (त्रिपाक्षिक) पिंडदान शुरू करेंगे। 

पितृपक्ष मेले का समापन 28 सितंबर को होगा। लेकिन, त्रिपाक्षिक  वाले 29 सितंबर आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को नानी-नानी के लिए पिंडदान के साथ गयाश्राद्ध संपन्न करेंगे। 

गुरुवार शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा मेले का उद्घाटन विष्णुपद मंदिर परिसर में बने भव्य पंडाल में गुरुवार की शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजकीय मेले का उद्घाटन सूबे के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी करेंगे। उद्घाटन समारोह में सूबे के कई मंत्री, सांसद , विधायक व अन्य राजनेता शामिल होंगे। मेले को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन से लेकर गयापाल पंडों ने अपनी तैयारी को अंजाम दिया।

गुरुवार से ही उद्घाटन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन की शुरुआत हो जाएगी। फिलहाल तीर्थयात्री पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए गयाधाम पहुंचने लग गए हैं। बुधवार देर रात त्रिपाक्षिक श्राद्ध करने वाले करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्रि यहां पहुंच चुके हैं। ये तीर्थयात्री भाद्रपद्र चतुदर्शी गुरुवार से पुनपुन या गया के गोदावरी सरोवर से श्राद्धकर्म शुरू करेंगे। जो तीर्थयात्री पुनपुन घाट नहीं जा पाएंगे व गया शहर के गोदावरी तालाब से पिंडदान कर 21 कुलों का उद्धार करेंगे। गया पंचकोस की विभिन्न वेदियों पर पिंडदान करते-करते आश्विन शुक्लपक्ष प्रतिपदा यानी 29 सितंबर को कर्मकांड का समापन करेंगे। 

त्रिपाक्षिक के अलावा मुख्य रूप से एक दिन, तीन, पांच और सात दिनों तक गयाश्राद्ध करने वाले पिंडदानियों का आना शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। फल्गु से पिंडदानियों की जो भीड़ उमड़नी शुरू होगी जो वैतरणी तर्पण तक जारी रहेगी। भाद्रपद्र पूर्णिमा शुक्रवार को फल्गु और देवघाट पर पिंडदान को तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ होगी। अहले सुबह से तीर्थयात्रियों का जत्था मोक्षदायिनी पहुंचेगा।

पितृपक्ष मेले की तैयारियों की वजह से यहां के क्षेत्र की रौनक बढ़ गई है।पितृमुक्ति के महापर्व  के अवसर पर विष्णुपद मंदिर से लेकर देवघाट,संगतघाट  सहित अन्य प्रमुख इलाके रोशनी से जगमगा रहा है। विष्णुपद मंदिर, पिंडवेदियों से लेकर सरोवरों की रौनक देखते बन रही है। विष्णुपद मंदिर से लेकर प्रेतशिला वेदी और गया शहर पितृपक्ष के बैनर और झंडों-पताकों से पट गया है। 

मेला क्षेत्र यानी अंदर गया के विष्णुपद मंदिर, पंचमहल्ला, सूर्यकुंड, काठगच्छी, चांदचौरा सहित अन्य इलाकों की दुकानें सज गई हैं। मेले में आने वाले पिंडदानियों की सेवा के लिए जिला प्रशासन के अलावा विभिन्न संगठन और समाजसेवियों की ओर से मेला क्षेत्र में और शहर के चौक-चौराहों पर सहायता शिविर लगाए गए हैं।

पिंडदानियों की आगवानी को गयापाल तैयार गयाधाम के पंडे पिंडदानियों के स्वागत को तैयार हैं। होटल व धर्मशालाकों के अलावा उनके आवासन स्थलों पर 17 दिनी कर्मकांड करने वाले पिंडदानी पहुंच चुके हैं। कुछ पुनपुन करते हुए गुरुवार को गया आएंगे।

पितृपक्ष पखवारे में पिंडदानियों की आवाजाही का सिलसिला अंतिम दिन तक जारी रहेगा। श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गजाधर लाल पाठक, सदस्य महेश लाल गुपुत व शंभूलाल विट्ठल ने कहा कि त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वाले अधिकतर तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। विष्णुनगरी में करीब 15 हजार पिंडदानी आ चुके हैं। गुरुवार को पुनपुन घाट या गोदावरी  से गयाश्राद्ध की शुरुआत करेंगे।