ओडिशा के 59 वर्षीय युवक ने घायल सांप का अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। 5 फीट लंबा कोबरा एक घर के पीछे घायल हालत में पाया गया था। यह उस वक्त घायल हो गया जब यह एक प्लास्टिक की जाली वाली दीवार में से निकलने का प्रयास कर रहा था। इसके बाद उस पर नेवले ने भी हमला कर दिया था। पेशे से सोशल वर्कर मनोज कुमार दास ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन फॉर्म में सांप का नाम ‘सापा’ बताया और इसे 7 वर्षीय मेल बताया।

सांप पहले घायल सांप को पुश चिकित्सालय लेकर गए लेकिन वहां गेट पर ताला लगा था। इसके बाद दास सांप को फकीर मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लेकर गए। यहां उन्होंने रजिस्ट्रेशन फॉर्म में सांप का नाम सापा बताया और उसे 7 साल का मेल लिखा। दास ने अस्पताल में अटेंडेंट को नहीं बताया कि उन्हें सांप का इलाज कराना है। ओपीडी काउंटर पर उन्होंने 2 रुपये देकर सांप का ओपीडी कार्ड बनवा लिया। 

इसके बाद पैरामेडिकल स्टाफ के सामने जब सांप निकाला गया तो वह काफी डर गए। उन्होंने उसकी मरहम पट्टी करने से इनकार कर दिया। डॉक्टर के सामने जब मामला गया तो वह भी काफी डर गया। 

opd   card created by das for the snake

डॉ. बिष्नु हंसदाह ने कहा- युवक ने जैसे ही कोबरा निकाला, मैं काफी डर गया था। मैंने उसे पशु चिकित्सालय रेफर कर दिया। हालांकि डॉक्टर ने सांप के लिए एक एन्टीसेप्टिक ओनमेंट लिख दी। हॉस्पिटल पैरामेडिक की मदद से सांप पर ये लगा दी गई। 

दास ने कहा कि इंसानों की तरह पशुओं जीव जंतुओं को भी फौरन इलाज की जरूरत होती है। कुछ देर बाद मैंने सांप को जंगल में छोड़ दिया।