देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों के लिए पैसों के लेन-देन से जुड़ी  सर्विस आईएमपीएस (IMPS) सर्विस को 1 अगस्त से बिल्कुल मुफ्त करने जा रहा है। यानी 10 दिन बाद एसबीआई के ग्राहकों को आईएमपीएस के जरिए पैसे ट्रांसफर करने पर कोई पैसा नहीं देना होगा। अभी तक आईएमपीएस करने पर बैंक चार्ज लेता था लेकिन अब 1 अगस्त से यह चार्ज नहीं लगेगा। 

इससे पहले एसबीआई बैंक ने आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) चार्ज योनो, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग कस्टमर के लिए 1 जुलाई से खत्म कर दी थी। अब बैंक आईएमपीएएस के चार्ज योनो, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग कस्टमर के लिए 1 अगस्त से खत्म कर देगा। 

31 मार्च 2019 तक एसबीआई के 6 करोड़ कस्टमर इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं 1.41 करोड़ कस्टमर मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। एसबीआई बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म योनो के करीब 1 करोड़ यूजर हैं। बैंक का मानना है कि एनईएफटी, आईएमपीएस और आरटीजीएस चार्ज खत्म करने से डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले ग्राहकों की संख्या में इजाफा होगा। 

इसके अलावा बैंक ने ब्रांच नेटवर्क के जरिए आरटीजीएस और एनईएफटी करने वाले कस्टमर के लिए चार्ज 20 फीसदी तक कम कर दिया है। 

क्या है आईएमपीएस सर्विस
1 इसके जरिए आप 24X7 फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। इस सर्विस की खास बात यह है कि इसमें रियल टाइम यानी तुरंत सामने वाले के अकाउंट में आ जाता है। 
2 अगर आपने किसी व्यक्ति को IMPS के जरिए रात को एक बजे फंड ट्रांसफर किया है, तो वह उसी समय अकाउंट होल्डर के अकाउंट में पहुंच जाएगा।
3 ये सेवा छुट्टी के दिन भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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