डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत के संकेत केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे हैं। केंद्र सरकार जल्द ही विभिन्न राज्य सरकारों से विचार करने के बाद डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून ला सकती है, जिसके तहत डॉक्टर से मारपीट या हमला करने की घटना संगीन अपराध की श्रेणी में आ सकता है। साथ ही दोषियों को कम से कम 12 वर्ष तक की सजा का प्रावधान भी हो सकता है। इसके अलावा इस कानून को गैर-जमानती भी रखने का विचार चल रहा है।
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पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद देशव्यापी हड़ताल होने से केंद्र सरकार ने डॉक्टरों को जल्द से जल्द सुरक्षा दिलाने पर विचार शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सभी राज्य सरकारों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून के अलावा क्लिनिक्ल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में बदलाव भी किया जा सकता है।

मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को दिल्ली एम्स सहित डॉक्टरों के तमाम प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी डॉक्टरों पर हो रहे हमलों का विरोध किया है। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से जल्द ही इससे जुड़े कानून पर विस्तृत चर्चा करने को भी कहा है। 

साथ ही डॉ. हर्षवर्धन ने सभी राज्य सरकारों से विचार करने की सलाह भी दी है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि सभी राज्य सरकारों से मिलकर एक ऐसा कानून लागू करने पर विचार किया जाएगा, जिसमें डॉक्टर पर हमला करने वालों के खिलाफ न सिर्फ तत्काल कार्रवाई हो, बल्कि कम से कम 12 वर्ष की गैर-जमानती सजा का प्रावधान हो। हालांकि इस पर अंतिम फैसला सभी राज्यों से प्रस्ताव मिलने के बाद ही हो सकेगा।

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