प्रतीकात्मक तस्वीर
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नोएडा पुलिस ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि यदि आपको सड़क पर कोई हादसा नजर आए, तो भले ही आप उसके शिकार व्यक्ति की मदद करें या नहीं करें, लेकिन यदि आप वहां वीडियो बनाते हैं और जाम लगाते हैं तो फिर आप जुर्माने के लिए तैयार रहिए।

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नोएडा (उत्तर प्रदेश), छह जूनः नोएडा पुलिस ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि यदि आपको सड़क पर कोई हादसा नजर आए, तो भले ही आप उसके शिकार व्यक्ति की मदद करें या नहीं करें, लेकिन यदि आप वहां वीडियो बनाते हैं और जाम लगाते हैं तो फिर आप जुर्माने के लिए तैयार रहिए। अपने परामर्श में नोएडा यातायात पुलिस ने मार्च, 2016 के दिशानिर्देश को दोहराया है । केंद्र ने हादसे के शिकार व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने वालों के पुलिस या किसी अन्य अधिकारी के हाथों परेशान होने से बचाने के लिए यह दिशानिर्देश जारी किया था और उच्चतम न्यायालय ने उस पर मुहर लगायी थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह नियम 10 जून से लागू किया जाएगा।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘ उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देश के अनुसार सड़क हादसों के शिकार व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मदद करना हम सभी सामूहिक जिम्मेदारी है। लेकिन आजकल ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग सड़क पर अपनी गाड़ी रोकते हैं और घटना का वीडियो बनाना या वहां सेल्फी लेना शुरू कर देते हैं।’’

उसमें कहा गया है, ‘‘एक तरफ तो वे हादसे के शिकार लोगों की मदद करने पर शीर्ष अदालत के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह प्रवृति समाज के अमानवीय चेहरे को सामने लाती है। ये लोग जानबूझकर सड़क पर जाम लगाते हैं और तमाशा खड़ा करते हैं।’’

पुलिस अधीक्षक (यातायात) अनिल कुमार झा ने कहा कि ऐसे मामलों में गौतमबुद्धनगर की पुलिस मौके पर पहुंचती है और हादसे के शिकार व्यक्तयों की मदद करने के साथ यातायात सुचारू करती है। इन टीमों को अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है जो घटना के शिकार व्यक्तियों को देखते हुए सेल्फी लेते हैं और वीडियो बनाते हैं। ऐसे व्यक्तियों की पहचान कैमरों से की जाएगी।

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