निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर सकते है लोढ़ा

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  शिवगंज/ललित माली -विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार की देर रात जारी की गई 152 उम्मीदवारों की सूची में सिरोही विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व विधायक संयम लोढ़ा का टिकट काट कर जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार घोषित किए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। शुक्रवार की सुबह से ही लोढा के घर कार्यकर्ताओं का जमावडा शुरू हो गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आर्य की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए प्रदेश नेतृत्व से इस फैसले को बदलने की मांग की।

कार्यकर्ताओं  के बीच पूर्व विधायक संयम लोढ़ा
कार्यकर्ताओं के बीच पूर्व विधायक संयम लोढ़ा
इस बीच कार्यकर्ताओं ने आर्य से अपना टिकट वापस करने के लिए भी दबाव बनाया। दोपहर तक चली कवायद के बावजूद कोई हल नहीं निकलने पर सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपने पद एवं सदस्यता से त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिए। शाम तक कार्यकर्ता लोढा के आवास पर जमे रहे तथा उन पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने का अनुरोध किया। शाम को लोढ़ा ने इस बात के संकेत दिए कि कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर ही वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
लोढ़ा ही कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे
विधानसभा चुनावों के लिए सिरोही विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के नाम का सिंगल पैनल होने की वजह से लोढ़ा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि लोढ़ा ही कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। यहीं वजह थी की लोढ़ा जयपुर व दिल्ली को दौड़धूप करने के बजाय अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तैयारियों में व्यस्त रहे। इधर, लंबे इंतजार के बाद गुरुवार की देर रात जब कांग्रेस के 152 उम्मीदवारों की सूची जारी हुई तो लोढ़ा के बजाय कांग्रेस ने पार्टी के जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने की जानकारी जब लोढ़ा को मिली उस समय लोढ़ा एवं आर्य दोनों ही हजरत सैय्यद बादशाह के उर्स के दौरान आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। उस समय स्वयं लोढ़ा ने आर्य को इसकी बधाई भी दी।
लोढ़ा से उनके आवास पर मिले आर्य
पार्टी की ओर से अधिकृत उम्मीदवार बनाए जाने के बाद शुक्रवार की सुबह जीवाराम आर्य सबसे पहले संयम लोढ़ा के आवास पर पहुंचे तथा उनसे चर्चा की। कुछ देर के बाद आर्य वहां से अपने घर पहुंच गए। जहां उनके समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे। आर्य के उनके निवास पहुंचने पर उनके समर्थकों ने पुष्पहार पहना एवं मिठाई खिलाकर उनको शुभकामनाएं दी। इधर, करीब नौ बजे लोढ़ा के आवास पर कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों का जमावड़ा होना शुरू हो गया।
पार्टी में उठे विरोध के स्वर
लोढ़ा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर उनके समर्थकों में जबरदस्त नाराजगी देखी गई। सैकड़ों की संख्या में मौजूद समर्थकों ने लोढ़ा के समर्थन में नारेबाजी की तथा प्रदेश आलाकमान से आर्य के स्थान पर लोढ़ा को टिकट देने की मांग की। दोपहर तक कोई हल नहीं निकलने पर समर्थकों ने लोढ़ा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने का आग्रह किया। लेकिन लोढ़ा ने इस बारे में अपना कोई पक्ष नहीं रखा तथा अपने घर के भीतर ही रहे।
आर्य पर बनाया टिकट वापस करने का दबाव
इस बीच कई कार्यकर्ता कांगे्रस उम्मीदवार जीवाराम आर्य के निवास स्थान पहुंचे तथा उनसे लोढ़ा के घर चलने का दबाव बनाया। पहले तो आर्य इसके लिए तैयार नहीं हुए तथा कहा कि वे सुबह लोढ़ा से मिलकर आए है। लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने, जिस पर आर्य उनके साथ पैदल ही लोढ़ा के आवास के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर आर्य ने लोढ़ा से मुलाकात करनी चाही लेकिन दोनों के बीच कोई बात संभव नहीं हो सकी। इस बीच कार्यकर्ताओं ने आर्य से अपना टिकट पार्टी को वापस लौटाने के लिए कहा। आर्य ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता है और पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है उससे वे पीछे नहीं हट सकते। नि:संदेह वे संयम लोढ़ा का सम्मान करते है तथा उनके निर्देशन में ही अब तक पार्टी की गतिविधियां संचालित करते रहे है। इस दौरान वहां कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी किया। स्थिति को भांपते हुए आर्य वहां से अपने घर के लिए रवाना हो गए।
लोढ़ा ने दिए संकेत कर सकते है निर्दलीय नामांकन 
सैकड़ों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए दिन भर किसी प्रकार का कोई व्यक्तव्य जारी नहीं करने वाले लोढ़ा ने शाम होते होते इस बात के संकेत दिए कि वे कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन कर सकते है। अब लोढा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं इस बारे में शनिवार की सुबह ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
दो हजार कार्यकर्ताओं ने सौंपे इस्तीफे
संयम लोढा को टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में पार्टी के लगभग सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों सहित करीब दो हजार कार्यकर्ताओं ने अपने पदों तथा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपने त्याग पत्र पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को भेज दिए।