अमरनाथ यात्रा शुरू, करें बाबा बर्फानी का पहला दर्शन

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अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरु हो चुकी है। यात्रियों का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए रवाना हो गया है। हर बार की तरह इस बार भी बाबा भक्तों में भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए गजब का उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा शुरू होने के साथ ही अमरनाथ बाबा की प्रथम पूजा भी हुई। गौरतलब है कि अमरनाथ की यह यात्रा कोई आम यात्रा नहीं बल्कि एक बहुत महत्वपूर्ण यात्रा होती है। सरकार भी इस यात्रा के लिए कई तरह के विशेष इंतजाम करती है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों आखिर अमरनाथ की पावनस्थली की यात्रा इतनी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हिंदू धर्म में भोलेनाथ के इस तीर्थस्थल का महत्व माना जाता है।

1/6सम्पन्न हुई प्रथम पूजा

अमरनाथ बाबा की प्रथम पूजा के दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी मौजूद रहे। उन्होंने वहां पहुंच कर अमरनाथ यात्रा की व्यवस्था का मुआयना भी किया।

2/6इतने यात्री करेंगे प्रथम दर्शन

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रियों का पहला जत्‍था सोमवार सुबह जम्‍मू-कश्‍मीर के बालताल और पहलगाम से पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हो गया। बालताल से 1617 और पहलगाम से 2800 श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए रवाना हुए।

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3/6क्यों कहते हैं बाबा बर्फानी

अमरनाथ की इस पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्माण होता है। प्राकृतिक हिम से बनने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग और बाबा बर्फानी भी कहा जाता है। इस बार कुछ ऐसा बना है पवित्र शिवलिंग।

4/6हिंदूओं का पवित्रस्थल

हिमालय की गोद में स्थित अमरनाथ हिंदुओं का सर्वाधिक आस्था वाला पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। पवित्र गुफा श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर है। पवित्र गुफा की लंबाई (भीतरी गहराई) 19 मीटर, चौड़ाई 16 मीटर और ऊंचाई 11 मीटर है।

5/6इस पर आधारित होता है शिवलिंग का आकार

दुनिया में ऐसा पहला शिवलिंग है जिसका आकार चंद्रमा की रोशनी के आधार पर तय होता है। श्रावण शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा को शिवलिंग पूरा हो जाता है और फिर उसके बाद आने वाली अमावस्‍या तक आकार में काफी छोटा हो जाता है।