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सप्ताह का ज्ञान
वास्तु के नियमों के अनुसार दक्षिण पश्चिम में भारी वस्तुओं और फर्नीचर का प्रयोग आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। सुरक्षित रखता है। सुरक्षा का भाव पैदा करता है। ये स्थिति सामाजिक और पारिवारिक रसूख में वृद्धि करती है। करियर में यह स्थिति लाभ का सबब बनती है। अगर आलमारी बनाना या भारी फर्नीचर रखना संभव न हो, तो यहां भारी वास्तु, इमारत या पहाड़ की तस्वीरें या पेंटिंग रखना चाहिए।

टिप्स ऑफ द वीक
पारंपरिक अवधारणाओं के अनुसार आटे में अगर 10 प्रतिशत काले चने का बेसन मिला दिया जाए, तो घर में कलह कम हो जाती है।

नीम का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा के उन्मूलन में सहायक सिद्ध होता है, ऐसा तंत्र के सूत्र कहते हैं।

जन्मतिथि में छिपा भविष्य (जन्म तारीख 3)
किसी भी माह की 3 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का स्वामी बृहस्पति है। इस तारीख के लोग धनी, बुद्धिमान, ज्ञानवान, निर्भीक और चतुर होते हैं। ये लोग जीवन में उच्च पद को सुशोभित करते हैं। इन्हें कई विषयों का ज्ञान होता है। ये लोग अपने समूह या गुट में सुरक्षित महसूस करते हैं। पारंपरिक मूल्यों में इनकी बहुत आस्था होती है। घमंड इनको क्षति पहुंचाता है। वाणी से इनका नियंत्रण अक्सर छूट जाता है, जो अंत में कष्ट का सबब बनता है। बहुत प्रयास के बाद भी ये लोग निष्पक्ष नहीं रह पाते। अपनी राय रखने में ये बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ससुराल पक्ष से संबंध सहज नहीं होते। वृद्धावस्था सुखमय होती है।

प्रश्न: प्रेम विवाह लिए चार सालों से संघर्ष कर रही हूं। क्या सफलता मिलेगी? जन्म तिथि- 02.01.1993, जन्म समय- 14.10, जन्म स्थान- श्री गंगानगर (राजस्थान)। -शिवानी गोयल
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि मेष और लग्न सिंह है। आपके पति भाव का स्वामी शनि षष्ठ भाव में विराजकर जहां एक उत्तम योग बना रहा है, वहीं सप्तम भाव में शुक्र आसीन होकर एक से अधिक संबंधों की चुगली भी कर रहा है। लेकिन पंचम भाव में बृहस्पति के घर में बैठा सूर्य प्रेम को लेकर बड़ा बखेड़ा भी खड़ा कर रहा है। साथ ही, शत्रु गुरु के घर बुध की उपस्थिति इस प्रेम पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। किसी व्यक्ति विशेष से विवाह की संभावना व वैवाहिक सफलता के लिए वर-वधु दोनों की कुंडली के विश्लेषण की दरकार है। पर मुख्य बात ये कि आपके लिए ग्रहयोग प्रेम और प्रेम विवाह में बेहद सतर्क रहने की ताकीद कर रहे हैं।

प्रश्न: कई सालों से परेशान हूं। तकरीबन डेढ़ सालों से कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। क्या करूं? जन्म तिथि- 11.09.1978, जन्म समय-21.09, जन्म स्थान- बड़ौत (उत्तरप्रदेश)।-तरुण शर्मा
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि धनु और लग्न मेष है। आप 26.03.2012 से अष्टमेश मंगल की महादशा भोग रहे थे। जो उत्तम काल नहीं था। 26.03.2019 से आप षष्ठ भाव में विराजमान राहु की महादशा के अधीन आ गए। राहु की दृष्टि दसवें, बारहवें, दूसरे घर पर है। राहु अनिष्ट और कष्टों को नष्ट करने, स्वास्थ्य, पराक्रम और शक्ति देने वाला माना गया है, यह शत्रुओं को धूल चटाता है और सरकार से लाभ दिलवाता है। धन का भी लाभ होता है, परंतु इस समय आप कर्मेश और पराक्रमेश शनि की साढ़ेसाती के भी असर में हैं। शनि पिछले डेढ़ बरस से आपकी ही राशि में बैठकर आपका कचूमर निकाल रहा है। चिंता न करें। यह स्थिति अस्थाई है, इस पर यकीन करें। विधाता का संकेत है कि फरवरी, 2020 के पश्चात शनि के गृह परिवर्तन से परिस्थितियों में सुधार होगा। शनि की साढ़ेसाती खत्म होते ही आपका जीवन आमूलचूल रूप से बदल जाएगा। सत्य का वरण, असत्य संभाषण, मांसाहार और मदिरा का त्याग, नेत्रहीन व असहाय लोगों की सेवा और नित्य कुछ बूंद दुग्ध मिश्रित जल से स्नान करने से लाभ होगा, ऐसा आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं कहती हैं।

प्रश्न: मुझे किस क्षेत्र में व्यापार करना चाहिए? जन्म तिथि- 19.09.1994, जन्म समय-13.05, जन्म स्थान- कलोल (गुजरात)।-जैमिन पटेल
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपकी राशि मकर और लग्न वृश्चिक है। आपका कर्मेश शुक्र कर्म में ही विराजकर आपके लिए उत्तम भविष्य की पटकथा लिख रहा है। साथ में बुध विराजकर आपको प्रखर मानसिक क्षमता से नवाज रहा है, वहीं भविष्य में किसी बड़े पद की भी चुगली कर रहा है। मैं आपके लिए दवा, चिकित्सा, चिकित्सकीय उपकरण, प्रशासन, राजनीति, ज्योतिष, गुड़ व गेहूं के साथ किसी भी प्रकार की ट्रेडिंग की अनुशंसा करता हूं।

प्रश्न: क्या मुझे पाने नाम की स्पेलिंग में बदलाव की जरूरत है? जन्म तिथि- 19.09.1980 -रोहित अजय जैन
उत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि आपका अंक 1 है, जिसका स्वामी ग्रह सूर्य है। आपके प्रथम नाम का योग 1 है, जो आपका ही अंक है। लेकिन आपके पारिवारिक नाम का अंक 8 है, जो शनि से संबंध रखता है। पर यदि आपका नाम और पारिवारिक नाम साथ साथ लिखा जाए तो उसका योग 9 हो जाता है, जो कि मंगल का अंक है। और यह अंक 9 आपके अपने अंक 1 का बड़ा सहयोगी है। अंक 9 खुद में बड़ी रहस्यमयी शक्ति समेटे हुए है। लिहाजा मैं आपको अपने नाम की स्पेलिंग में कोई परिवर्तन न करने की अनुशंसा करता हूं।

नोट: अगर, आप भी सद्गुरु स्वामी आनंदजी से अपने सवालों के जवाब जानना चाहते हैं या किसी समस्या का समाधान चाहते हैं तो अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान के साथ अपना सवाल [email protected] पर मेल कर सकते हैं।