गरुड़ पुराण: इन लोगों के यहां कभी नहीं करना चाहिए भोजन, मिलता है नरक

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सनानत धर्म में गरुड़ पुराण का बहुत बड़ा महत्व है। इस पुराण के अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और इसे 18 पुराणों में से एक माना जाता है। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार, यज्ञ, दान, आदि शुभ कर्मों का वर्णन किया गया है। साथ ही इसमें मानव जीवन के कल्याण के लिए आयुर्वेद, नीतिसार आदि विषयों का वर्णन विस्तार रूप से बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार, कुछ लोगों के यहां भूलकर भी भोजन नहीं करना चाहिए। एक कहावत है- जैसा खाएगा अन्न, वैसा बनेगा मन। कहने का मतलब है, जैसा इंसान खाता है, वैसा उसका मन बन जाता है और पाप का भागीदार भी बनता है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण में किन लोगों के यहां भोजन करने से मना किया गया है…

2/10इस तरह का पैसा ठीक नहीं

अगर कोई व्यक्ति दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाकर ज्यादा ब्याज वसूल कर रहा है तो उसके यहां भोजन नहीं करना चाहिए। क्योंकि किसी भी स्थिति में दूसरों की मजबूरी का कभी भी फायदा नहीं उठाना चाहिए। इस तरह का पैसा हमेशा आपको नुकसान ही पहुंचाता है।

3/10मन भी होता है दूषित

जो स्त्री अपनी इच्छा से अधर्म का कार्य करती है या गलत रास्ते पर चलती है तो उसके यहां भी भोजन नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसी स्त्री के यहां भोजन करने से मन दूषित होता है, जिससे आपके पुण्य कार्य खत्म हो जाते हैं।

4/10इनके यहां भोजन करने से बचें

अगर कोई व्यक्ति बहुत दिनों से गंभीर रूप से बीमार है तो उसके यहां भी भोजन करने से बचना चाहिए। क्योंकि जिस घर में कोई व्यक्ति लंबे समय से कोई बीमार है तो वहां आसपास कीटाणुओं का वास हो जाता है। इसलिए ऐसे घर में भोजन करने बचना चाहिए।

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5/10अक्षय पुण्य की होती है प्राप्ति

गरुड़ पुराण के अनुसार, किन्नरों के यहां भी भोजन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इन लोगों के यहां दान देना चाहिए, इनको दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

6/10इंसान का बड़ा दुश्मन है यह

इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन उसका क्रोध होता है और वह क्रोध में गलत कार्य करने से पीछे नहीं हटता। क्रोध में इंसान मानवीय भाव को भी भूल जाता है। ऐसे मनुष्य के यहां भोजन नहीं करना चाहिए। क्योंकि उसके यहां भोजन करने से उसका असर आपके ऊपर पड़ सकता है। उसकी तरह फिर आप भी अच्छे और बूरे का फर्क भूल सकते हैं।

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7/10ना करें इन पर विश्वास

जो व्यक्ति चुगलखोर हो अर्थात जिसकी आदत में केवल चुगली करना हो तो ऐसे व्यक्ति के यहां भूलकर भी भोजन करने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग दूसरों को परेशानी में डालकर खुश होते हैं, इन पर कभी भी विश्वास नहीं किया जाता है।

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8/10देते हैं दुसरों को कष्ट

पुराण के अनुसार, कभी भी निर्दयी लोगों के यहां भोजन नहीं करना चाहिए। निर्दयी लोगों में कभी भी दया का भाव नहीं रहता है, जिससे वह दूसरों का कष्ट देता है। मनुष्य जीवन के कल्याण के लिए इंसान में दया भाव होना होना बहुत जरूरी है।

10/10इनके घर से भी बनाएं दूरी

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति नशीली चीजों के बेचता है या फिर नशीली चीजों का सेवन करता है तो ऐसे लोगों के यहां भोजन नहीं करना चाहिए। नशे के कारण कई लोगों के घर बर्बाद हो जाते हैं, जिसका श्रेय इन लोगों को जाता है। इसलिए इन लोगों के घर से दूरी भी बनाई रखनी चाहिए।