भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर मंत्रिमंडल गठन को अंतिम रूप देने गये कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा अपना नयी दिल्ली का दौरा बीच में ही खत्म कर लौट आए हैं। दरअसल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उनसे कहा कि वह पहले राज्य में बाढ़ राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर ध्यान दें। राज्य के कई हिस्से बाढ़ और भारी वर्षा की चपेट में हैं।

येदियुरप्पा ने बुधवार को बेंगलुरु पहुंचने पर संवाददाताओं से कहा, ” आज शाम पांच बजे मैं राष्ट्रपति से मिलने वाला था, लेकिन अमित शाह ने मुझसे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर परेशान नहीं होने एवं बेलगावी एवं चार पांच अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करने का निर्देश दिया। वह दो दिन की यात्रा पर राष्ट्रीय राजधानी गये थे। मंगलवार को वह केंद्र के समक्ष लंबित कर्नाटक के मुद्दों को देख रहे केंद्रीय मंत्रियों से मिले थे। बुधवार को उन्हें शाह से मिलना था। येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह मंत्रिपरिषद में एकमात्र मंत्री हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालय सतर्क है और रेल राज्यमंत्री और बेलगाम के सांसद सुरेश अंगाडी जल्द ही बेलगावी पहुंचेंगे जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विधायक अपने अपने जिलों में डेरा डाले हुए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में येदियुरप्पा ने कहा कि वह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की स्वीकृति के लिए फिर दिल्ली जायेंगे।

उन्होंने कहा, ” तीन चार दिनों में मैं मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करने और उसे अंतिम रूप देने के लिए फिर दिल्ली जाऊंगा । वहां से लौटने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह ने उन्हें निर्देश दिया कि उनकी पहली प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य होना चाहिए। 

मंत्रिमंडल विस्तार में देरी से विपक्षी कांग्रेस और जदएस को येदियुरप्पा को निशाना बनाने का मौका मिल गया है। मुख्यमंत्री बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए बाद में बेलगावी रवाना हो गये।