सावन की तैयारीः पहली बार काशी विश्वनाथ मंदिर में हो रहीं कई नई व्यवस्थाएं

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काशी विश्वनाथ मंदिर में अबकी सावन में पहली बार भक्तों को 24 घंटे बाबा झांकी दर्शन होगा। सावनभर भक्त गर्भगृह में नहीं जाएंगे। बाबा को दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक प्रवेश द्वार पर लगे अरघे में किया जाएगा। जो पाइप के जरिए बाबा के ऊपर चढ़ेगा। 

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने शनिवार को कार्यालय में बैठक कर रणनीति तैयार की। बताया कि सभी प्रवेश द्वारों को अलग-अलग भक्तों के लिए निर्धारित कर दिया गया है। मैदागिन, छत्ताद्वार से आने वाले भक्त गर्भगृह के पश्चिम द्वार से दर्शन-पूजन करेंगे। गोदौलिया से आने वाले भक्त बांसफाटक होते हुए मंदिर के दक्षिणी और पूर्वी द्वार से बाबा का दर्शन लाभ लेंगे। वहीं, उत्तरी प्रवेश द्वार टिकट लेने वाले व वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए निर्धारित किया गया है। मंदिर पहुंचने वाले डाक भक्तों किसी भी प्रवेशद्वार से झांकी दर्शन-पूजन कर

दर्शनार्थियों के लिए यह व्यवस्था 
-गर्भगृह के उत्तरी द्वार से वीआईपी और टिकट वालों को मिलेगा दर्शन का लाभ 
-मैदागिन मार्ग से आने वाले भक्त पूर्वी द्वार से बाबा के दरबार में टेक सकेंगे माथा 
-ढुंढीराज प्रवेश द्वार से आने वाले भक्त दक्षिणी व पश्चिमी दरवाजे तक ही पहुचेंगे 

विशेष दुपट्टा पहनाकर मंदिर प्रशासन करेगा अतिथियों का स्वागत 
मंदिर प्रशासन ने इस बार सावन में अतिथियों के लिए विशेष दुपट्टा तैयार कराया है। इसमें बाबा भोलेनाथ की आकृति, शिवलिंग, काशी की महिमा, घाट, बाबा मंदिर का स्वर्ण शिखर आदि उकेरे गये हैं। नई दिल्ली की डिजाइनर जागृति मेहता 11 राज्यों के हस्तशिल्पियों व बुनकरों की मदद से दुपट्टा तैयार करा रही हैं। मंदिर प्रशासन औसत कीमत में दुपट्टा लेगा।