अमरनाथ यात्रा से पहले बोले अलगाववादी, ‘तीर्थयात्रियों को जम्मू-कश्मीर में कोई भी खतरा नहीं’

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श्रीनगर

आगामी एक जुलाई को परंपरागत अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर के अलगाववादियों ने रविवार को कहा कि इस यात्रा के लिए देश भर से कश्मीर आने वाले तीर्थ यात्रियों को घाटी में कोई खतरा नहीं है। उन्होंने राज्य में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से किसी भी ‘झूठे प्रचार’ पर ध्यान नहीं देने की अपील की। अलगाववादियों ने कहा कि घाटी के लोग भाईचारे और सांप्रदायिक मेल-जोल को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

रविवार को सैयद अली शाह के नेतृत्व वाली जॉइंट लीडरशिप ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ मीडिया चैनल घाटी में अमरनाथ यात्रा और तीर्थयात्रियों को खतरा बताकर झूठा अभियान चला रहे हैं। जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक शामिल हैं। अलगाववादियों ने एक बयान में कहा कि कश्मीरी लोगों ने कठिन से कठिन समय में भी आतिथ्य की परंपरा से समझौता नहीं किया। बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली के स्टूडियो में बैठे कुछ मीडिया हाउस झूठा प्रचार कर रहे हैं।

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अमरनाथ यात्रा के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 1 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पूर्व सुरक्षा एजेंसियों की ओर से यात्रियों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। राज्य में सीआरपीएफ और पुलिस की अतिरिक्त टीमों को तैनात कराया गया है। इसके अलावा जम्मू से श्रीनगर के बीच एनएच-44 पर सुरक्षा के लिए पुख्ता तैयारी की गई है।

30 जून को जम्मू-कश्मीर जाएंगे अमित शाह

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आने वाले हैं। शुरुआती प्रोटोकॉल के अनुसार, शाह 30 जून को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आएंगे। इसी दिन शाह घाटी में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी करेंगे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई से मिले इनपुट के साथ)

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