नई दिल्ली
कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 5 जवानों के शहीद होने के एक दिन बाद इंटेलिजेंस एजेंसियों ने गुरुवार को दावा किया कि हमले के दौरान जिस आतंकवादी को मारा गया था उसके पाकिस्तानी नागरिक होने का संदेह है और वह आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हो सकता है। संदिग्ध आतंकियों की उम्र 28 साल के करीब है।


हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन अल उमर मुजाहिद्दीन ने ली

सीआरपीएफ के डीजी आर आर भटनागर ने गुरुवार को होम सेक्रेटरी राजीव गाबा से मुलाकात कर उन्हें अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। इकनॉमिक टाइम्स को पता चला है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान सीआरपीएफ की लगभग 370 बटालियन तैनात की जाएंगी। बुधवार को अनंतनाग में तैनात सीआरपीएफ की एक टीम पर आतंकवादियों ने हमला किया था। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर के आतंकवादी संगठन अल उमर मुजाहिद्दीन ने ली थी। हालांकि, इंटेलिजेंस एजेंसियों को शक है कि मुठभेड़ के दौरान मारा गया आतंकवादी जैश ए मोहम्मद का हो सकता है।


अमरनाथ यात्रा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता


गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा बलों ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा है और इनमें से अधिकतर जैश-ए-मोहम्मद से थे।सीआरपीएफ की टीम पर हमला अमरनाथ यात्रा के रास्ते पर हुआ था और यह सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय है। अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होनी है। सूत्रों ने बताया कि कानून और व्यवस्था के लिए अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में सीआरपीएफ की तैनाती चिंता का एक विषय है। अधिकारियों का कहना है कि एक भीड़ वाले क्षेत्र या बाजार में सीआरपीएफ की तैनाती स्थानीय पुलिस के निवेदन पर ही हो सकती है।


CRPF को निशाना बनाना आतंकियों के लिए आसान


सूत्रों के अनुसार, ‘दक्षिण कश्मीर जैसे अधिक संवेदनशील जैसे क्षेत्रों में सीआरपीएफ के इस्तेमाल को लेकर भी आशंका है क्योंकि आतंकवादियों के लिए उन्हें निशान बनाना आसान हो सकता है।’ कश्मीर में सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल के तौर पर सीआरपीएफ तैनात है। यह आतंकवादी संगठनों के निशाने पर है।

कश्मीर के पुलवामा में हाल ही में जैश ए मोहम्मद के एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इसके एक महीने बाद हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादियों ने बनिहाल में सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वे उसमें नाकाम रहे थे।इसके बाद से सीआरपीएफ की तैनाती से जुड़े नियमों को कड़ा किया गया है।

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