नई दिल्ली

15 जुलाई को लॉन्च होनेवाले मिशन चंद्रयान-2 के साथ ही भारत की नजर अब वीनस (शुक्र) और सूर्य तक है। मिशन चंद्रयान-2 की तैयारियों के बारे में सरकार और इसरो की ओर से संयुक्त जानकारी दी गई। मिशन चंद्रयान की कुल लागत 10000 करोड़ होगी। भारत के महत्वाकांक्षी स्पेस प्रॉजेक्ट के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वक्त में भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई सिद्धि प्राप्त की है। इसरो चेयरमैन ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया कि भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान ने सूर्य, वीनस जैसे ग्रहों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


15 जुलाई को लॉन्च होगा चंद्रयान-2


चंद्रयान-2 के बारे में इसरो चेयरमैन डॉक्टर के. सिवन ने बताया कि 15 जुलाई को सुबह 2 बजे मिशन लॉन्च होगा। मिशन के लिए 2-3 क्रू मेंबर्स होंगे। सभी क्रू मेंबर्स की पूरी ट्रेनिंग भारत में ही की गई है। भारत का पहला मानव मिशन 2022 में पूरा होगा। केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया, ’15 जुलाई को चंद्रयान-2 को लॉन्च किया जाएगा और अनुमानित तौर पर यह सितंबर में लॉन्च होगा। इसके साथ एक रोवर भी होगा। यह मिशन चंद्रयान-1 का ही विस्तारित रूप है।’

सूरज तक पहुंचने पर इसरो की नजर

इसरो के चेयरमैन डॉक्टर सिवन ने कहा, ‘इसरो की नजर अब सूरज तक है। इसरो इसके लिए एक मिशन सन ला रहा है। इस मिशन में सूरज के लिबरेशन पॉइंट 1 पर एक सैटलाइट भेजने की योजना है।’ भारत की अंतरिक्ष में भविष्य की योजनाओं पर डॉक्टर सिवन ने कहा कि भारत की नजर अंतरिक्ष ताकत बनने पर भी है।

पढ़ें: मिशन मंगल के बाद इसरो की अब शुक्र तक पहुंचने की योजना

मिशन वीनस 2023 में होगा पूरा

भविष्य की योजनाओं पर इसरो चेयरमैन ने कहा, ‘मिशन गगनयान दिसंबर 2021 तक पूरा होगा। इस मिशन में इसरो पहली बार भारत में बने रॉकेट को स्पेस में भेजेगा। इसकी बेसिक ट्रेनिंग भारत में होगी, लेकिन अडवांस ट्रेनिंग विदेश में होगी। इस मिशन का बजट 10,000 करोड़ तक का है। भविष्य में हमारी योजना मिशन वीनस 2023 के लिए है। पिछले कुछ वक्त में ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या वैश्विक स्तर पर विकराल हुई है। इसरो ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौती से निपटने के लिए भी खास मिशन पर काम कर रहा है।’

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