बेंगलुरु

नाथूराम गोडसे पर बीजेपी नेताओं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े और सांसद नलीन कटील के बयानों पर सियासी बवाल के बाद बीजेपी ने सफाई जारी की है। बीजेपी नेताओं के बयानों से भड़के पार्टी चीफ अमित शाह ने कहा कि इन नेताओं के ये बयान उनके निजी बयान हैं और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। शाह ने तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने की बात कही है। शाह ने कहा कि अनुशासन कमिटी सभी नेताओं से जवाब मांगेगी और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी।

बता दें कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे पर साध्वी प्रज्ञा और अनंत कुमार हेगड़े के बाद अब बीजेपी के सांसद नलीन कटील ने भी विवादित बयान दिया था। कर्नाटक की दक्षिण कन्नड़ सीट से सांसद नलीन कटील ने 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए ट्विटर पर लिखा कि नाथूराम गोडसे ने तो एक व्यक्ति को ही मारा, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने तो 17 हजार लोगों को मारा। हालांकि विवाद बढ़ता देख नलिन ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। बता दें कि इससे पहले साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था, जबकि हेगड़े ने गोडसे के प्रति नजरिया बदलने की बात कही थी।

पढ़ें: गोडसे पर ट्वीट? मंत्री बोले- अकाउंट हैक हुआ

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बीजेपी सांसद नलीन कटील

शाह का कड़ा रुख: सभी बयान निजी, पार्टी से संबंध नहीं

अमित शाह ने गोडसे को लेकर दिए बयानों पर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा, ‘पिछले 2 दिनों में अनंतकुमार हेगड़े, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और नलीन कटील के जो बयान आए हैं वो उनके निजी बयान हैं, उन बयानों से भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध नहीं है। इन लोगों ने अपने बयान वापस लिए हैं और माफी भी मांगी है। फिर भी सार्वजनिक जीवन और बीजेपी की गरिमा और विचारधारा के विपरीत इन बयानों को पार्टी ने गंभीरता से लेकर तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने का निर्णय किया है। अनुशासन समिति तीनों नेताओं से जवाब मांगकर उसकी एक रिपोर्ट 10 दिन के अंदर पार्टी को दे, इस तरह की सूचना दी गई है।’

बता दें कि इससे पहले हेगड़े के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट हुआ था कि गोडसे के प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है और माफी मांगने की जरूरत नहीं है। एक दिन पहले ही साध्वी प्रज्ञा ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। हालांकि, बयान पर आलोचना के बाद उन्होंने माफी भी मांगी थी। अनंत कुमार हेगड़े ने ट्वीट किया, ‘मेरा ट्विटर अकाउंट कल हैक हो गया था। गांधी जी की हत्यारे के लिए कोई सहानुभूति नहीं हो सकती। उनके राष्ट्र के लिए योगदान का हम सभी का पूरा सम्मान है।’

साध्वी प्रज्ञा ने मांगी थी माफी

साध्वी प्रज्ञा का यह बयान उस समय आया जब उनसे कमल हासन के गोडसे को पहला हिंदू आतंकी बताने पर प्रतिक्रिया मांगी गई। साध्वी ने कहा, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा।’ इसके बाद प्रज्ञा ने माफी मांगते हुए कहा था, ‘मैं नाथूराम गोडसे के बारे में दिए गए मेरे बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगती हूं। मेरा बयान बिलकुल गलत था। मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं।’

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फाइल फोटो: प्रज्ञा ठाकुर

कमल हासन ने गोडसे को बताया था हिंदू आतंकवादी

गौरतलब है कि अभिनेता से नेता बने कमल हासन हिंदू आतंकवाद को लेकर विवादित बयान दिया था। तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करते हुए हासन ने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था। कमल हासन ने कहा, ‘आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर कई सारे मुस्लिम मौजूद हैं। मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं।’ हालांकि बाद में हासन ने भी सफाई देते हुए कहा था कि हर धर्म के आतंकवादी पाए जाते हैं और कोई धर्म यह दावा नहीं कर सकता कि वह किसी और धर्म से बेहतर है।

nathuram godse was deshbhaktand remains one says sadhvi pragya
साध्वी के विवादित बोल: गोडसे देशभक्त था, है और रहेगा
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